राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर चल रही जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से पुलिस ने पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान उन्होंने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और कहा कि जैसे ही अनियमितता की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़वाया और एफआईआर दर्ज कराई।
चंपत राय ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रस्ट में पारदर्शिता बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी थी और इसमें अन्य ट्रस्ट सदस्यों की भी भूमिका रही है। उन्होंने आरोपी टिन्नू यादव का नाम लेते हुए कहा कि वह लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़ा था, लेकिन उसकी ओर से की गई गड़बड़ी की उम्मीद नहीं थी। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान एक राजनीतिक नेता का भी उल्लेख सामने आया है, जिसकी जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं।
एक राष्ट्रीय चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने उनसे यह भी पूछा कि क्या उनके किसी रिश्तेदार या परिचित को काम पर रखा गया था। इस पर चंपत राय ने जवाब दिया कि जरूरतमंद लोगों को अवसर दिया गया था और इसमें केवल उनकी ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भी सहमति शामिल थी।
सूत्रों का यह भी कहना है कि चंपत राय ने शुरुआती चरण में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन बाद में वह आगे नहीं बढ़ पाई। इसके पीछे कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
इसी बीच, ट्रस्ट से जुड़े अपने भविष्य को लेकर उन्होंने करीबियों से बातचीत में कहा है कि उनका कार्यकाल अब पूरा हो चुका है और वह किसी भी तरह का “कलंक” लेकर नहीं जाना चाहते।
वहीं, मामले में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला की 48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए जांच एजेंसी ने अदालत में आवेदन दिया है। विशेष अदालत इस पर कल सुनवाई करेगी। पुलिस का कहना है कि रिमांड मिलने पर पूछताछ से धनराशि के उपयोग, अन्य संलिप्त लोगों और पूरे नेटवर्क को लेकर अहम खुलासे हो सकते हैं।
दूसरी ओर, फैजाबाद बार एसोसिएशन ने भी इस प्रकरण को लेकर सक्रियता दिखाई है। अधिवक्ता संघ ने आरोपियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत देने का निर्णय लिया है और गुरुवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाना रामजन्मभूमि पहुंचकर तहरीर सौंपेंगे।