लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं बुधवार से आरंभ हो गईं। सुबह करीब 7:15 बजे से ही छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे। पहली पाली में हाईस्कूल की परीक्षा सुबह 8:30 बजे शुरू हुई, जिसमें हिंदी का प्रश्नपत्र कराया गया।

परीक्षा के पहले दिन कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों का स्वागत किया गया। लखनऊ के काली चरण इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों पर पुष्पवर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड और आधार कार्ड अनिवार्य रखा गया है, जबकि मोबाइल, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध है।

माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, जियामऊ केंद्र पर पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और उन्हें बिना तनाव परीक्षा देने की सलाह दी।

लखनऊ में जिला कंट्रोल रूम स्थापित

परीक्षा की निगरानी के लिए राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। डीआईओएस राकेश कुमार के अनुसार, यहां पर्याप्त कंप्यूटर और स्टाफ की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।

राजधानी लखनऊ में इस वर्ष 1,03,088 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। इनमें 51,907 हाईस्कूल और 51,181 इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। जिले में 121 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। निगरानी के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेट, बाह्य केंद्र पर्यवेक्षक, 8000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 4000 से ज्यादा कक्ष निरीक्षक लगाए गए हैं।

सीतापुर में 146 केंद्र, नकल रोकने के विशेष इंतजाम

सीतापुर जिले में 146 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। पहले दिन हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में करीब 51 हजार विद्यार्थी शामिल हुए। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिले को 7 जोन और 12 सेक्टर में विभाजित किया गया है। छह सचल दल निगरानी के लिए रवाना किए गए। कई केंद्रों पर विद्यार्थियों को तिलक लगाकर प्रवेश दिया गया, जिससे उत्साह का माहौल दिखा। हालांकि कुछ स्थानों पर प्रारंभिक समय में सुरक्षाकर्मियों की कमी की शिकायत भी सामने आई।

प्रदेशभर में 8033 परीक्षा केंद्र

इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षा में कुल 53,37,778 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें 27,61,696 हाईस्कूल और 25,76,082 इंटरमीडिएट के अभ्यर्थी हैं। परीक्षाएं नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए प्रदेश में 8033 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 596 राजकीय, 3453 सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालय शामिल हैं।

राज्य सरकार ने 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया है। साथ ही 222 केंद्रों को अति संवेदनशील और 683 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाई की विशेष निगरानी रहेगी। अति संवेदनशील केंद्रों का प्रतिदिन दो बार निरीक्षण किया जाएगा।

सरकार का दावा है कि इस बार परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष माहौल मिल सके।