लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था लागू की जाए, जिससे अनुशासन को बढ़ावा मिल सके।

राज्यपाल ने शिक्षकों को भी सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी ऐसा व्यवहार न करें जिससे गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा प्रभावित हो। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि शिक्षक समय पर कक्षाओं में उपस्थित हों और छात्रों की उपस्थिति भी नियमित और समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए।

महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक

राज्यपाल बुधवार को जनभवन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध राजकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने महिला महाविद्यालयों के छात्रावासों की स्थिति सुधारने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित वातावरण और सकारात्मक मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए, ताकि वे किसी भी प्रकार के असामाजिक तत्वों के प्रभाव से दूर रहकर सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी सकें।

छात्राओं के लिए नई पहल

राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ऐसी समितियों के गठन के निर्देश दिए, जहां छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं खुलकर रख सकें और उनका समयबद्ध समाधान हो सके।

इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी जोर दिया। इनमें ब्यूटीशियन ट्रेनिंग, मेहंदी कला, जीएसटी, अकाउंटेंसी और मिलेट आधारित फूड प्रोडक्शन जैसे कोर्स शामिल करने के निर्देश दिए गए।

नियमित निरीक्षण के निर्देश

बैठक के दौरान राज्यपाल ने महाविद्यालयों में पाई गई कमियों पर चिंता जताई और कहा कि सभी संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा खामियों को तुरंत दूर किया जाए।

कृषि से जुड़े कॉलेजों को उन्होंने विशेष रूप से जैविक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

इस बैठक में विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, शिक्षा से जुड़े विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल जानी, कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता और विभिन्न महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।