यूपी: प्रदेश सरकार ने बुधवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने का आदेश जारी किया। इस योजना का लाभ एडेड स्कूलों, स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों, व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों, मानदेय शिक्षकों और संस्कृत शिक्षा परिषद के अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों सहित कुल 2.97 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के आदेश के अनुसार, अब शिक्षक और उनके आश्रित सरकारी चिकित्सालयों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी बिना नकद भुगतान इलाज करवा सकेंगे। प्रत्येक शिक्षक के लिए इस योजना की वार्षिक प्रीमियम राशि लगभग 3000 रुपये अनुमानित है। योजना का क्रियान्वयन ‘साचीज’ प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इसके तहत, लाभार्थियों और उनके परिवार की पूरी सूची हर साल 30 जून तक मुख्य कार्यपालक अधिकारी साचीज को माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
वित्तविहीन शिक्षकों का अलग से होगा चिह्नांकन
शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों का सटीक आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। इसलिए उनके चिह्नांकन के लिए अलग से आदेश जारी किया जाएगा। वहीं, जो शिक्षक पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना से लाभान्वित हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे।