लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा एक बार फिर चर्चा में आ गई है। इस बार विवाद किसी पेपर लीक को लेकर नहीं, बल्कि हिंदी के प्रश्नपत्र में दिए गए एक सवाल के विकल्पों को लेकर खड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र की तस्वीर वायरल होने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया।

वायरल प्रश्नपत्र में एक वाक्यांश का उपयुक्त शब्द चुनने को कहा गया था। सवाल था— “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला”। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे: पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी। इन विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल किए जाने को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है और इसे एक वर्ग की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया है।

सोशल मीडिया पर बहस बढ़ने के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रश्नपत्र में दिए गए इस तरह के विकल्पों पर सरकार को गंभीर आपत्ति है।

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रश्न या सामग्री से यदि किसी समाज या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचती है, तो इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पूरे मामले की जांच के निर्देश देते हुए कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के सम्मान और समानता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक टिप्पणी या संकेत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।