पिछले साल जून में हुए एयर इंडिया के दर्दनाक विमान हादसे को करीब दस महीने हो चुके हैं, लेकिन जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया, उनके आँसू अब भी नहीं थमें। इस हादसे में मारे गए 260 यात्रियों के परिजन अब सत्य जानने के लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने पीएम को पत्र लिखकर कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और ब्लैक बॉक्स के डेटा को सार्वजनिक करने की मांग की है।
पीड़ित परिवारों की मांग
अहमदाबाद में करीब 30 पीड़ित परिवारों ने एक बैठक कर निर्णय लिया कि प्रधानमंत्री को पत्र भेजा जाएगा। परिवारों का कहना है कि वे जानना चाहते हैं कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था। क्या विमान में कोई तकनीकी खराबी थी, या किसी मानवीय चूक की वजह से हादसा हुआ? उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुरक्षा कारणों से ब्लैक बॉक्स का पूरा डेटा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, तो कम से कम इसे बंद कमरे में पीड़ित परिवारों के साथ साझा किया जाए।
नीलेश पुरोहित, जिन्होंने हादसे में 24 वर्षीय बेटे को खोया, कहते हैं, “मेरा घर खाली हो गया है। कोई मुआवजा इस खालीपन को नहीं भर सकता। हमें पैसा नहीं चाहिए, हमें सिर्फ सच जानना है।”
एयरलाइन की व्यवस्थाओं पर नाराजगी
हादसे के बाद एयर इंडिया की ओर से की गई व्यवस्थाओं को लेकर भी परिवार नाराज हैं। पीड़ितों के सामान की पहचान के लिए एयरलाइन ने एक वेबसाइट बनाई थी, जिसमें 25,000 से ज्यादा आइटम सूचीबद्ध थे। वासद निवासी किंजल पटेल ने अपनी मां को खोया। उनका कहना है कि वेबसाइट पर तस्वीरें इतनी धुंधली हैं कि सामान की पहचान करना नामुमकिन है।
खेड़ा के रोमिन वोरा ने अपने मां, भाई और बेटी को खोया। उन्होंने कहा, “गांव में रहने वाले और ईमेल से परिचित न होने वाले लोग एयरलाइन से संपर्क ही नहीं कर पा रहे। एक ईमेल का जवाब आने में 15 दिन लग जाते हैं। परिवारों के लिए यह सिस्टम मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण है।”
हादसे की त्रासदी
12 जून 2025 को एयर इंडिया फ्लाइट AI 171 अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भर रही थी। उड़ान के कुछ ही समय बाद यह विमान पास के एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल के ऊपर गिर गया। इस दुर्घटना में 241 यात्री और विमान के नीचे मौजूद 19 लोग मारे गए।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और उम्मीद है कि जून 2026 तक अंतिम रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।