उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में शहीद नसीरुद्दीन मेमोरियल मैदान में आजाद समाज पार्टी द्वारा सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर आयोजित बहुजन भाईचारा संवाद महारैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रावण ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला किया।

रावण ने सरकार को तानाशाही प्रवृत्ति वाली बताते हुए कहा कि अब इसकी सत्ता पर नजरें गिरने का समय शुरू हो चुका है। उन्होंने संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर के संविधान को बहुजन समाज का सबसे बड़ा हथियार बताया और कहा कि हमारे अधिकार हमें सरकार नहीं, बल्कि बाबा साहब के संविधान ने दिए हैं, जिन्हें कोई छीन नहीं सकता।

रावण ने बहुजन समाज की एकजुटता का उदाहरण देते हुए कहा कि जब-जब समाज एकजुट हुआ है, सत्ता को झुकना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम डरने वाले नहीं, लड़ने वाले लोग हैं। यदि हमारे अधिकारों पर चोट की जाएगी, तो हम सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेंगे।”

युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षा और संगठन के मार्ग पर चलकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए। रावण ने तिकुनिया कांड का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे मोटरसाइकिल से पीड़ितों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ खड़े रहना हमारा धर्म है, चाहे कितनी भी बाधाएं आएं।

रावण ने यह भी कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत वोट की शक्ति है, जिसने तिकुनिया कांड से जुड़े लोगों को सत्ता से बाहर किया। अंत में उन्होंने बहुजन समाज से अपील की कि वे एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।