हरिद्वार/देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी नाम के खुलासे को लेकर दर्ज मामलों में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को न्यायालय से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने हरिद्वार और देहरादून में दर्ज चार एफआईआर में से दो के संबंध में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकल पीठ ने शिकायतकर्ताओं – हरिद्वार के धर्मेंद्र कुमार और यमकेश्वर की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ – को नोटिस जारी कर अपने पक्ष में जवाब पेश करने को कहा।

मामले के विवरण के अनुसार, सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के झबरेड़ा और बहादराबाद तथा देहरादून की नेहरू कॉलोनी और डालनवाला में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपितों ने भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो क्लिप साझा की।

एफआईआर में कहा गया कि इस कार्रवाई से उनकी सार्वजनिक छवि धूमिल हो रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके विरोध में सुरेश राठौर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर पर रोक की मांग की थी, जिस पर अब न्यायालय ने आंशिक राहत प्रदान की है।