सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने अपने मोनेटाइजेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए कंटेंट की गुणवत्ता पर फोकस बढ़ा दिया है। एलन मस्क के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले का मकसद प्लेटफॉर्म पर बेहतर और उपयोगी कंटेंट को बढ़ावा देना है। अब कम क्वालिटी या सिर्फ क्लिकबेट पोस्ट के जरिए कमाई करना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।
एंगेजमेंट फार्मिंग पर कड़ा रुख
पिछले कुछ समय से X पर एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए कम गुणवत्ता वाले या वायरल कंटेंट पोस्ट करने की प्रवृत्ति बढ़ गई थी। अब कंपनी ऐसे कंटेंट की पहुंच कम करने की तैयारी में है। प्रोडक्ट हेड निकिता बियर के अनुसार, प्लेटफॉर्म का एल्गोरिदम इस तरह विकसित किया जा रहा है कि ओरिजिनल और मेहनत से बनाए गए कंटेंट को ज्यादा पहचान मिले। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि असली क्रिएटर्स को फायदा हो, न कि केवल रीपोस्ट या ट्रेंडिंग क्लिप्स शेयर करने वालों को।
ओरिजिनल कंटेंट पर ज्यादा कमाई
नए बदलावों के तहत X के रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल में भी सुधार किया गया है। अब उन क्रिएटर्स को प्राथमिकता दी जाएगी, जो खुद का यूनिक और उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट तैयार करते हैं। कंपनी ऐसे टूल्स पर काम कर रही है, जो कंटेंट के असली निर्माता की पहचान कर उन्हें सीधे रिवॉर्ड दे सकें। साथ ही, रिप्लाई सेक्शन में मिलने वाले व्यूज को अब कमाई के दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि स्पैम गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
कमाई के लिए नई शर्तें
प्लेटफॉर्म पर कमाई करने के लिए अब कुछ जरूरी मानदंड पूरे करने होंगे। यूजर्स को प्रीमियम या प्रीमियम प्लस सब्सक्रिप्शन लेना होगा और उनके पास कम से कम 500 फॉलोअर्स होने चाहिए। इसके अलावा, पिछले तीन महीनों में 5 मिलियन ऑर्गेनिक इम्प्रेशन हासिल करना जरूरी होगा। कंपनी के अनुसार, होम टाइमलाइन से मिलने वाले ऑर्गेनिक व्यूज को ज्यादा महत्व दिया जाएगा, जबकि वेरिफाइड और प्रीमियम प्लस यूजर्स के व्यूज को अधिक वेटेज मिलेगा।
कुल मिलाकर, X का यह कदम प्लेटफॉर्म को अधिक गुणवत्ता-आधारित बनाने और स्पैम या कम वैल्यू वाले कंटेंट को कम करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।