बागपत। निवाड़ा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना के बीच मां की बहादुरी और ममता की अनोखी मिसाल देखने को मिली। चार वर्षीय बेटे को बचाने के प्रयास में मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना बिजली के तारों में फंसे बच्चे को बचा लिया। इस हादसे में मां और बेटा दोनों घायल हो गए, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी अमृता के पति अमित पेशे से वाहन चालक हैं और घटना के समय वह काम पर गए हुए थे। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे अमृता घर की छत पर काम कर रही थीं, जबकि उनका चार वर्षीय बेटा कुश पास ही खेल रहा था।

इसी दौरान खेलते-खेलते बच्चा अचानक छत से नीचे गिर गया और वहां से गुजर रही बिजली की तारों में फंसकर लटक गया। तारों में करंट फैलने से तेज धमाका हुआ, जिससे आसपास का माहौल दहशत में बदल गया।

धमाके की आवाज सुनते ही अमृता तुरंत छत की ओर दौड़ीं और बेटे को तारों में फंसा देख बिना किसी देरी के उसकी ओर छलांग लगा दी। बच्चे को बचाने की कोशिश में दोनों नीचे गली में गिर पड़े और घायल हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से झुलसे बच्चे तथा घायल मां को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने दोनों का इलाज किया, जिसके बाद उनकी हालत में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया।

अमृता ने बताया कि हादसे के दौरान बच्चे के कपड़ों में भी आग लग गई थी और अगर वह कुछ पल भी देर करतीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने बेटे का दाखिला एक स्कूल में कराया था।

जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शादाब अनवर के अनुसार, बच्चे को बिजली के करंट से झुलसने के बाद उपचार दिया गया है और उसकी हालत अब बेहतर है। बच्चे को बचाने के दौरान घायल हुई मां का भी इलाज किया गया है और दोनों खतरे से बाहर हैं।