नई कारों की बढ़ती कीमतों के बीच सेकेंड-हैंड कार खरीदना कई लोगों के लिए समझदारी भरा विकल्प बन गया है। लेकिन छोटी-सी लापरवाही बड़ी परेशानी और खर्च का कारण बन सकती है। इस्तेमाल की गई कार की हालत, रिकॉर्ड और कानूनी कागजात की सही जाँच न होने पर भरोसेमंद सौदा भी हाथ से निकल सकता है।
यहां पांच महत्वपूर्ण बातें बताई जा रही हैं, जिनकी जांच करके आप ठगी और बाद की समस्याओं से बच सकते हैं:
1) सर्विस और मेंटेनेंस रिकॉर्ड जरूर देखें
कार की असली हालत उसकी सर्विस हिस्ट्री से पता चलती है। नियमित ऑयल चेंज, ब्रेक सर्विस और तय अंतराल पर निरीक्षण अच्छे मेंटेनेंस का संकेत होते हैं।
यदि रिकॉर्ड अधूरा हो या बीच-बीच में गैप दिखे, तो यह खराब देखभाल या भविष्य में अधिक खर्च का संकेत हो सकता है।
कैसे जांचें: कार का रजिस्ट्रेशन नंबर अधिकृत सर्विस सेंटर में साझा करें। आमतौर पर हर 10,000 किमी या एक साल में नियमित सर्विस सकारात्मक संकेत है।
2) इंश्योरेंस रिकॉर्ड से पहचानें दुर्घटना का इतिहास
इंश्योरेंस पॉलिसी में Insured Declared Value (IDV) और No Claim Bonus (NCB) पर ध्यान दें।
लगातार NCB होना सामान्यतः दुर्घटना-मुक्त इस्तेमाल का संकेत देता है। IDV में अचानक गिरावट या NCB का न होना पहले की गई मरम्मत या क्लेम की ओर इशारा करता है। ऐसी स्थिति में खरीदारी से पहले कारण स्पष्ट कर लें।
3) एक्सटीरियर कंडीशन से पहचानें छुपी खामियां
कार के बाहरी हिस्से का निरीक्षण बहुत कुछ बता देता है। जंग, असमान पेंट, पैनल में अंतर, या अलग शेड का पेंट मरम्मत या दुर्घटना का संकेत हो सकता है।
शीशों पर उकेरे गए कोड/मार्किंग मिलान करें। टायर, ब्रेक और अंडरबॉडी की स्थिति पर विशेष ध्यान दें क्योंकि इनकी मरम्मत महंगी पड़ सकती है।
4) ओनरशिप और दस्तावेज़ों की सही स्थिति जांचें
सिंगल-ओनर कार को प्राथमिकता दें क्योंकि इसकी हिस्ट्री और कागजात सत्यापित करना आसान होता है।
RC में सेलर का नाम और पता सही होना चाहिए। चेसिस और इंजन नंबर में कोई विसंगति न हो।
5) कानूनी कागजात और बकाया साफ होना जरूरी
खरीद से पहले सुनिश्चित करें कि:
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वैध इंश्योरेंस और अपडेटेड PUC मौजूद हों
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रोड टैक्स पूरा भरा हो
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कोई बकाया लोन, चालान या कानूनी केस न हो
यदि कार हाइपोथेक्शन में है या राज्य बदलकर ट्रांसफर होनी है, तो NOC लेना आवश्यक है।
निष्कर्ष:
सेकेंड-हैंड कार में अच्छा सौदा वही है जिसमें मेंटेनेंस, रिकॉर्ड और कानूनी कागजात, तीनों साफ हों। इन पांच स्टेप्स को अपनाकर आप न सिर्फ ठगी से बच सकते हैं, बल्कि लंबे समय तक परेशानी-मुक्त अनुभव भी सुनिश्चित कर सकते हैं।