दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की करीबी सहयोगी वी.के. शशिकला ने तमिलनाडु की राजनीति में नई शुरुआत का संकेत देते हुए अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है। रामनाथपुरम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी प्रस्तावित पार्टी के झंडे का अनावरण भी किया।
इस झंडे में द्रविड़ राजनीति के प्रमुख नेताओं—सी.एन. अन्नादुरई, एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) और जयललिता—की तस्वीरें शामिल की गई हैं। शशिकला ने कहा कि पार्टी के नाम की घोषणा जल्द की जाएगी और यह कदम राज्य की राजनीति में एक “नया अध्याय” साबित होगा।
‘विरोधियों और विश्वासघातियों को देंगे जवाब’
रामनाथपुरम की रैली में शशिकला ने कहा कि उनकी पार्टी उन ताकतों के खिलाफ खड़ी होगी जिन्हें उन्होंने ‘विरोधी’ और ‘विश्वासघाती’ बताया। उनके इस कदम से आगामी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य में फिलहाल एक ओर डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन है, जबकि दूसरी ओर एआईएडीएमके के नेतृत्व में एनडीए खड़ा है। अभिनेता विजय की पार्टी भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
डीएमके और करुणानिधि पर टिप्पणी
जयललिता की जयंती के अवसर पर आयोजित सभा में शशिकला ने द्रविड़ राजनीति के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि एमजीआर ने कभी करुणानिधि के नेतृत्व का समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में करुणानिधि ने एमजीआर को पार्टी से बाहर कर दिया।
शशिकला ने कहा कि पार्टी से निष्कासन के बाद भी एमजीआर को कार्यकर्ताओं का व्यापक समर्थन मिला और यही उनकी ताकत थी।