टिहरी के भिलंगना विकासखंड में जंगलों में आग की घटनाओं ने स्थानीय वन संपदा और पर्यावरण के लिए चेतावनी जारी कर दी है। 15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन में क्षेत्र के बालगंगा और भिलंगना रेंज के द्वारी, रौसाल, बहेड़ा, कांगड़, अपर केमर, घुत्तू सहित कई इलाके पिछले तीन दिनों से आग की चपेट में हैं।

आग से न केवल पेड़-पौधों और जैव विविधता को नुकसान हो रहा है, बल्कि वन्य जीवों के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया, जिससे नुकसान लगातार बढ़ रहा है।

जंगलों में लगी आग के कारण वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जल स्रोतों और मिट्टी की उर्वरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि वन विभाग से आग पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई और स्थायी रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर फायर सीजन की शुरुआत में ही हालात ऐसे हैं, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

वन विभाग की टीमें लगातार जंगलों में लगी आग की सूचना पर मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी हुई हैं। रेज अधिकारी भिलंगना, शिव प्रसाद गैरोला ने बताया कि विभागीय टीमें क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं और आग पर नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।