गर्मी के मौसम में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है, तो इसका असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि वाहनों पर भी साफ दिखाई देता है। तेज धूप और गर्म हवा कार की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकती है और कई जरूरी पार्ट्स को समय से पहले नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में गर्मियों में गाड़ी की सही देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है।
इंजन और कूलिंग सिस्टम पर असर
अत्यधिक गर्मी का सबसे ज्यादा दबाव कार के इंजन और कूलिंग सिस्टम पर पड़ता है। अगर कूलेंट की मात्रा कम हो या उसकी गुणवत्ता खराब हो जाए, तो इंजन ओवरहीट हो सकता है और कई बार गाड़ी अचानक बंद होने की स्थिति भी बन सकती है।
बैटरी और टायर भी होते हैं प्रभावित
गर्मी का असर कार की बैटरी पर भी पड़ता है। तापमान बढ़ने से बैटरी का फ्लूइड तेजी से कम होने लगता है, जिससे उसकी क्षमता घट जाती है। वहीं, गर्म सड़कें टायरों के लिए भी चुनौती बन जाती हैं। टायर प्रेशर बढ़ने से पुराने या कमजोर टायर फटने का खतरा रहता है।
एसी और माइलेज पर असर
गर्मियों में एसी के लगातार इस्तेमाल से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे फ्यूल खपत बढ़ती है और माइलेज कम हो सकता है।
पेंट और इंटीरियर को नुकसान
लगातार धूप में खड़ी रहने वाली गाड़ियों का बाहरी पेंट धीरे-धीरे फीका पड़ने लगता है। साथ ही इंटीरियर में डैशबोर्ड पर दरारें और सीटों के रंग में बदलाव देखने को मिल सकता है।
कैसे रखें कार का ध्यान
गर्मी में कोशिश करें कि कार को हमेशा छांव या कवर पार्किंग में ही खड़ा करें। अगर यह संभव न हो तो कार कवर या सनशेड का उपयोग करें। समय-समय पर कूलेंट, इंजन ऑयल और ब्रेक फ्लूइड की जांच जरूरी है।
एसी की सर्विस है जरूरी
गर्मी शुरू होने से पहले कार के एसी की सर्विस करवाना बेहतर रहता है, ताकि वह सही ढंग से काम करे और इंजन पर अनावश्यक दबाव न पड़े। इसके अलावा वाइपर और रबर सील की स्थिति भी समय-समय पर जांचते रहना चाहिए।