नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET UG पुनर्परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही पेपर लीक की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र के लीक होने, पहले से उपलब्ध होने या पैसे लेकर बेचे जाने संबंधी दावे पूरी तरह भ्रामक हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

एनटीए के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व और संगठित गिरोह परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंता का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोग फर्जी प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का झांसा देकर आर्थिक ठगी को अंजाम देना चाहते हैं। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और निष्पक्ष आयोजन के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।

एजेंसी ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स, चैनलों और अन्य डिजिटल माध्यमों की पहचान की जा रही है। इस संबंध में संबंधित प्लेटफॉर्म्स और साइबर अपराध जांच एजेंसियों को भी सूचित किया गया है ताकि ऐसे भ्रामक कंटेंट को हटाया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

एनटीए ने चेतावनी दी है कि पेपर लीक जैसी झूठी अफवाहें फैलाना, फर्जी सामग्री साझा करना या छात्रों से धोखाधड़ी करने का प्रयास करना कानूनन गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों और अभिभावकों से अपील करते हुए एजेंसी ने कहा कि वे किसी भी संदिग्ध संदेश, कॉल या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें। परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारी केवल एनटीए के अधिकृत प्लेटफॉर्म और वेबसाइट के माध्यम से ही जारी की जाएगी।

एनटीए ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अफवाहों से प्रभावित होने के बजाय अपनी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दें। एजेंसी ने भरोसा दिलाया कि NEET UG पुनर्परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता के साथ आयोजित किया जाएगा।