सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के उस समय बड़ा एनकाउंटर सामने आया, जब उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने 1.25 लाख रुपये के इनामी कुख्यात बदमाश ललन सिंह को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह पूरी कार्रवाई लखनऊ से आई एसटीएफ टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दी, जिसमें स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

एसटीएफ के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि बिहार के समस्तीपुर निवासी ललन सिंह अपने एक साथी के साथ सहारनपुर क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसी इनपुट के बाद सरसावा–नकुड़ मार्ग पर देर रात चेकिंग अभियान शुरू किया गया।

जैसे ही बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया, बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी मोर्चा संभाला और मुठभेड़ के दौरान ललन सिंह को गोली लग गई। उसका साथी मौके से फरार होने में सफल रहा।

घायल बदमाश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में एसटीएफ के अधिकारी और एक इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगने की भी जानकारी सामने आई है।

लंबे समय से वांछित था ललन सिंह

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ललन सिंह पर हत्या, लूट, बैंक डकैती, कैश वैन लूट और पुलिस हथियार लूट जैसे दर्जनों गंभीर मामले दर्ज थे। वह 2022 में पटना से न्यायिक हिरासत से फरार होने के बाद लगातार कई राज्यों में सक्रिय था।

उसका नाम कई बड़े मामलों में सामने आया था, जिनमें पुलिसकर्मियों की हत्या और सरकारी हथियार लूट जैसी वारदातें शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थीं।

स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल

इस पूरी कार्रवाई को लेकर एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी ऑपरेशन के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी पूर्व जानकारी क्यों नहीं मिली। इससे पहले भी कई बार ऐसे मामलों में एसटीएफ द्वारा स्वतंत्र रूप से कार्रवाई किए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

साथी बदमाश की तलाश जारी

एनकाउंटर के दौरान ललन सिंह का एक साथी मौके से फरार हो गया। उसकी पहचान और संभावित ठिकानों को लेकर एसटीएफ और पुलिस टीमें जांच में जुटी हैं।