कृपया प्रतीक्षा करें…
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मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है, जहां ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी और सैन्य दावों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है, जबकि ईरानी नेतृत्व की ओर से अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी गई है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नाम से एक संदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि मौजूदा संघर्ष के दौरान ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर जमीन, समुद्र और हवा—तीनों…

अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के गुजराती समुदाय में एक दर्दनाक घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उत्तरी गुजरात के मेहसाणा जिले से ताल्लुक रखने वाली एक युवती की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में बसे भारतीय समुदाय को भी झकझोर दिया है। स्टोर में घुसकर की गई वारदात जानकारी के अनुसार, मेहसाणा जिले के विजापुर तालुका के जंत्राल गांव की रहने वाली मेघना पटेल पिछले करीब 10 वर्षों से अमेरिका में रह रही थीं और वहां एक स्टोर में काम करती थीं। घट…

नई दिल्ली। हाल के महीनों में टैरिफ और व्यापारिक तनाव को लेकर भारत और अमेरिका के बीच आई दूरी अब कम होती दिखाई दे रही है। दोनों देशों के रिश्तों में फिर से सकारात्मक माहौल बनता नजर आ रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो संदेश के जरिए हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की। अमेरिका की स्वतंत्रता घोषणा की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी मौजूद थे। ट्रंप ने प्रधानमंत्…

चीन के शांक्सी प्रांत में एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। शुक्रवार देर रात ‘लियुशेनयु’ कोयला खदान में अचानक हुए गैस विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी, जिसमें 82 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सरकारी मीडिया शिन्हुआ के अनुसार, यह हादसा किनयुआन काउंटी स्थित खदान में उस समय हुआ जब भीतर 247 मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट के बाद खदान में अफरा-तफरी मच गई और बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू करना पड़ा। घटना की गंभीरता को देखते हुए चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने तुरंत राहत…

संयुक्त राष्ट्र। लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत तैनात भारतीय सेना की अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक को 2025 के प्रतिष्ठित ‘यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण तथा जेंडर संवेदनशीलता को बढ़ावा देने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है। मेजर बराक संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान लेबनान में महिलाओं और किशोरियों के बीच सामुदायिक जुड़ाव से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहीं। इसके साथ ही उन्होंने शांतिरक…