बालोतरा में दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार, भारत की रणनीतिक ताकत बढ़ी

HIGHLIGHTS
- पश्चिमी राजस्थान का बालोतरा जिला अब सिर्फ रिफाइनरी परियोजना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी जरूरतों के लिए भी अहम केंद्र बनकर उभर रहा है।
- सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में दुर्लभ और रणनीतिक खनिजों के बड़े भंडार मिलने से भारत को एयरोस्पेस, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
- केंद्रीय खान मंत्रालय की टेक्निकल-कम-कॉस्ट कमेटी की हालिया बैठक में सिवाना क्षेत्र में मिले रेयर अर्थ एलिमेंट्स और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को राष्ट्रीय दृष्ट…
बालोतरा। पश्चिमी राजस्थान का बालोतरा जिला अब सिर्फ रिफाइनरी परियोजना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी जरूरतों के लिए भी अहम केंद्र बनकर उभर रहा है। सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में दुर्लभ और रणनीतिक खनिजों के बड़े भंडार मिलने से भारत को एयरोस्पेस, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय खान मंत्रालय की टेक्निकल-कम-कॉस्ट कमेटी की हालिया बैठक में सिवाना क्षेत्र में मिले रेयर अर्थ एलिमेंट्स और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को राष्ट्रीय दृष्टि से बेहद अहम बताया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कॉम्प्लेक्स के तीन अलग-अलग हिस्सों में रेयर अर्थ एलिमेंट्स, हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स और कई महत्वपूर्ण धातुओं के बड़े भंडार मौजूद हैं। इन क्षेत्रों के तकनीकी मूल्यांकन की जिम्मेदारी तीन कंपनियों को सौंपी गई है।
750 वर्ग किलोमीटर में फैला है क्षेत्र
करीब 750 वर्ग किलोमीटर में फैला सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स भूगर्भीय रूप से एक ज्वालामुखीय संरचना माना जाता है। यहां किए गए सर्वेक्षण में नियोबियम, जिरकोनियम और हाफनियम जैसे रणनीतिक तत्व पाए गए हैं।
इन खनिजों का इस्तेमाल सुपरअलॉय निर्माण, मिसाइल तकनीक, परमाणु रिएक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, रोबोटिक्स, माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरण और वैज्ञानिक अनुसंधान में होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन संसाधनों की उपलब्धता भारत की सामरिक और औद्योगिक क्षमता को मजबूत कर सकती है।
राज्य सरकार ने तेज किए प्रयास
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस खोज को राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए अधिकारियों को परियोजना के तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार “रेयर अर्थ एक्सीलेंस सेंटर” स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। यह केंद्र दुर्लभ खनिजों के शोध, नवाचार और रणनीतिक उपयोग को बढ़ावा देगा।
कई संस्थानों के साथ मिलकर होगा काम
इस परियोजना के लिए राज्य सरकार भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI), एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टोरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च (AMD), IIT हैदराबाद और IIT (ISM) धनबाद जैसे संस्थानों के साथ मिलकर काम करेगी।
क्या है राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन?
केंद्र सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू किया है। इस मिशन का मकसद ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।
इलेक्ट्रिक वाहनों, रक्षा उपकरणों और हरित ऊर्जा तकनीकों के लिए जरूरी खनिजों की खोज और उत्पादन इस मिशन का प्रमुख हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य भारत को रणनीतिक खनिजों और ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना है।
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