बरेली सेंट्रल जेल से फरार कैदी पर 25 हजार का इनाम, तलाश में जुटीं 8 टीमें

HIGHLIGHTS
- सेंट्रल जेल से फरार हुए एक कैदी की तलाश में पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है।
- कैदी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और जेल प्रशासन की कुल आठ टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
- इनमें चार टीमें पुलिस और चार जेल प्रशासन की शामिल हैं।
- पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कैदी के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति को इनाम की राशि प्रदान की जाएगी।
- जानकारी के अनुसार, फरार कैदी दिनेश, अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के नन्हेड़ा राजपूत गांव का रहने वाला है।
- वर्ष 2020 में उस पर…
बरेली। सेंट्रल जेल से फरार हुए एक कैदी की तलाश में पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। कैदी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और जेल प्रशासन की कुल आठ टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इनमें चार टीमें पुलिस और चार जेल प्रशासन की शामिल हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कैदी के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति को इनाम की राशि प्रदान की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, फरार कैदी दिनेश, अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के नन्हेड़ा राजपूत गांव का रहने वाला है। वर्ष 2020 में उस पर नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। लंबी सुनवाई के बाद बिजनौर कोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
सजा के बाद 19 अप्रैल 2026 को दिनेश को बिजनौर से बरेली स्थित इज्जतनगर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया गया था। आरोप है कि सोमवार को उसे 45 बंदियों के साथ नियमों के खिलाफ जेल परिसर से बाहर ले जाया गया। इसी दौरान वह फरार हो गया।
बताया जा रहा है कि उस समय ड्यूटी पर तैनात कुछ जेल कर्मियों की लापरवाही भी सामने आई है। सुरक्षा में लगे कर्मचारियों के मोबाइल फोन में व्यस्त रहने के कारण निगरानी में चूक हुई और कैदी ने सुबह करीब 11:30 बजे फरार होने का मौका ढूंढ लिया। जेल प्रशासन को इस घटना की जानकारी करीब तीन घंटे बाद मिली।
घटना के तीन दिन बाद भी कैदी का कोई सुराग नहीं मिल सका है, जिसके बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
जेल कर्मियों की भूमिका की भी जांच
इस मामले में डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने कहा है कि यह भी जांच का विषय है कि कैदी के फरार होने में जेल कर्मियों की कोई भूमिका तो नहीं रही। यदि जांच में लापरवाही या मिलीभगत साबित होती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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