पटना सिविल कोर्ट को बम धमकी वाला ई-मेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में

पटना। पटना सिविल कोर्ट को एक धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। अज्ञात व्यक्ति की ओर से भेजे गए इस संदेश में कोर्ट परिसर में आरडीएक्स विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था। सूचना मिलते ही सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सख्त कर दिया गया।
इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल गया और किशनगंज के सिविल कोर्ट को भी भेजे गए हैं। तीनों जिलों में एहतियातन कोर्ट परिसरों को खाली कराया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
पटना में कोर्ट परिसर कराया गया खाली
धमकी की सूचना मिलते ही पटना के जिला जज ने तत्काल आदेश जारी कर पूरा सिविल कोर्ट परिसर खाली कराने को कहा। न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वहां मौजूद आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल किसी को भी बिना जांच के परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
पीरबहोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी तलाशी अभियान में जुटी हुई हैं। पूरे परिसर की बारीकी से जांच की जा रही है और हर संभावित खतरे को ध्यान में रखा गया है।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
बताया जा रहा है कि पटना सिविल कोर्ट को पहले भी इस तरह के धमकी भरे ई-मेल मिल चुके हैं। पूर्व में डॉग स्क्वाड, बम निरोधक दस्ते और तकनीकी टीमों की मदद से जांच कराई गई थी, हालांकि तब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।
इस बार भी मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। कोर्ट आने वाले वकीलों, मुवक्किलों और कर्मचारियों की पहचान पत्रों की सघन जांच की जा रही है।
साइबर जांच तेज
पुलिस अब ई-मेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की मदद ले रही है। ई-मेल के आईपी एड्रेस और तकनीकी स्रोत की जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वाले तक पहुंचा जा सके।
अब तक किसी भी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
जांच एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की जानकारी मिलने पर आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। यह घटना सरकारी परिसरों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता और तकनीकी निगरानी की जरूरत को फिर से रेखांकित करती है।
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