रांची में कैबिनेट बैठक, 39 प्रस्तावों को मंजूरी, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का डीए बढ़ा

रांची। झारखंड कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है।
बैठक के बाद प्रधान सचिव वंदना डाडेल ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने अलग-अलग वेतनमान श्रेणियों में डीए बढ़ाने को मंजूरी दी है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसके तहत पुनरीक्षित वेतनमान पाने वाले कर्मियों और पेंशनभोगियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, अन्य वेतनमानों में भी क्रमशः वृद्धि की गई है।
अबुआ दवाखाना और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा फैसला
कैबिनेट ने राज्य के 745 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ‘अबुआ दवाखाना’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों पर एक ही स्थान पर एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा पद्धति की दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार ने इसके लिए आधारभूत ढांचे के विकास पर प्रति केंद्र लगभग पांच लाख रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही योग प्रशिक्षकों को तीन हजार रुपये मासिक मानदेय देने का भी निर्णय लिया गया है।
मादक पदार्थों पर सूचना देने वालों को इनाम
राज्य कैबिनेट ने मादक पदार्थों की तस्करी और उत्पादन से जुड़ी सूचना देने वालों के लिए इनाम की व्यवस्था को भी मंजूरी दी है। सूचना की गंभीरता के आधार पर यह राशि तीन हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक होगी। इस योजना में पुलिस कर्मियों और मुखबिरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
झारखंड भवन दिल्ली की दरों में बदलाव
कैबिनेट ने दिल्ली स्थित झारखंड भवन में कमरों के किराए में संशोधन को भी मंजूरी दी है। अब सरकारी कार्य के लिए बुकिंग शुल्क 20 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। निजी उपयोग के लिए किराया अवधि के अनुसार 750 रुपये से लेकर प्रतिदिन 5,000 रुपये तक निर्धारित किया गया है।
कलाकारों की पेंशन में राहत
सरकार ने गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक पेंशन योजना में भी संशोधन किया है। अब 60 वर्ष की अनिवार्य आयु सीमा को समाप्त कर दिया गया है। पात्र कलाकारों को 4,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी, बशर्ते उनकी कुल मासिक आय 8,000 रुपये से कम हो।
पेट्रोल-डीजल और शराब विक्रेताओं को राहत
राज्य के पेट्रोल, डीजल और शराब के खुदरा विक्रेताओं को भी बड़ी राहत दी गई है। अब उन्हें मासिक और त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने की अनिवार्यता से छूट दे दी गई है, क्योंकि वे पहले ही खरीद के समय वैट का भुगतान कर देते हैं।
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