रांची में नकली ब्रांड की शराब का खेल बेनकाब, पूर्व MLC गिरफ्तार

रांची की ओरमांझी स्थित एक शराब निर्माण इकाई में पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान कथित अवैध शराब कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। छापेमारी के दौरान बिहार के पूर्व विधान पार्षद और राजद नेता सुबोध राय, उनके चालक देवेंद्र भगत तथा एक कर्मचारी रविकांत राय को हिरासत में लिया गया। बाद में तीनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार देर रात शुरू हुई यह कार्रवाई बुधवार सुबह तक चली। जांच एजेंसियों का आरोप है कि फैक्ट्री में चर्चित शराब ब्रांडों की तर्ज पर शराब तैयार कर उस पर दूसरे ब्रांडों के फर्जी लेबल लगाए जा रहे थे और फिर उसे बाजार में कम कीमत पर बेचा जा रहा था।
कई ब्रांड के नाम पर तैयार की जा रही थी शराब
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यूनिट में अलग-अलग नामों से शराब तैयार की जा रही थी। बरामद बोतलों पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बिक्री के लिए निर्धारित लेबल लगाए गए थे। अधिकारियों का मानना है कि इन लेबलों का इस्तेमाल कर शराब की आपूर्ति और बिक्री की जा रही थी।
भारी मात्रा में शराब और बीयर बरामद
छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में शराब और बीयर की पेटियां जब्त की गईं। इनमें विभिन्न ब्रांडों के नाम वाली बोतलें और कैन शामिल हैं। जांच के दौरान कई पैकेजिंग सामग्री और लेबल भी बरामद किए गए, जिन्हें अधिकारी महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रहे हैं।
पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, इसी परिसर में करीब दो वर्ष पहले भी उत्पाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए इकाई को सील किया था। इसके बावजूद दोबारा कथित अवैध गतिविधियों के सामने आने से निगरानी और अनुपालन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
कौन हैं सुबोध राय?
सुबोध राय बिहार के वैशाली जिले के निवासी हैं और राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2015 में वे स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य चुने गए थे। राजनीतिक रूप से सक्रिय रहने वाले सुबोध राय का कार्यकाल छह वर्षों तक रहा। हालांकि बाद के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
पहले से भी दर्ज हैं मामले
पुलिस और उत्पाद विभाग के सूत्रों के अनुसार, सुबोध राय के खिलाफ उत्पाद अधिनियम से जुड़े कुछ मामले पहले से विभिन्न थानों में दर्ज बताए जाते हैं। इनमें अवैध शराब कारोबार और संबंधित गतिविधियों से जुड़े आरोपों की जांच भी शामिल रही है।
परिवार ने उठाए सवाल
गिरफ्तारी के बाद सुबोध राय के परिवार की ओर से कार्रवाई पर सवाल खड़े किए गए हैं। उनके भाई और स्थानीय जनप्रतिनिधि विकास राय का कहना है कि जिस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी वास्तविकता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मामले में कई तथ्यों को स्पष्ट किया जाना बाकी है।
फिलहाल पुलिस और उत्पाद विभाग पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब्त सामग्री की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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