मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा

मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) घोटाले के मामले में दोषी ठहराते हुए तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। उनके साथ बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति को भी दोषी करार दिया गया। अदालत ने दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी पाया।
क्या था मामला
यह घोटाला लगभग 25 साल पुराना है और 24 अगस्त 1998 से शुरू हुआ। राजेंद्र भारती की मां, सावित्री श्याम, ने दतिया के जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी, जिसकी वार्षिक ब्याज दर 13.50 प्रतिशत तय थी। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष थे।
अभियोजन के अनुसार, राजेंद्र भारती और बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण ने मिलकर एफडी और जमा पर्चियों में कट-छांट कर एफडी की अवधि पहले 10 वर्ष और फिर 15 वर्ष तक बढ़ा दी। इसका उद्देश्य उनके परिवार और संबंधित संस्था को लंबे समय तक लाभ पहुंचाना था। जांच में यह भी सामने आया कि 1999 से 2011 तक इस प्रक्रिया के जरिए लगभग 1.35 लाख रुपये वार्षिक अनुचित लाभ लिया गया।
कोर्ट का निर्णय और सजा
कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के बाद दोनों को दोषी ठहराया और आज सजा सुनाई। इस फैसले से राजेंद्र भारती की मध्य प्रदेश विधानसभा सदस्यता पर संकट खड़ा हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वे 60 दिनों के भीतर हाई कोर्ट में अपील कर सजा पर स्थगन (stay) ले लेते हैं, तो उनकी सदस्यता फिलहाल सुरक्षित रह सकती है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
सजा की खबर के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी और विपक्ष दोनों इस मामले पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विधायकों की सदस्यता और आगामी विधानसभा की स्थिति पर अब सबकी नजरें बनी हुई हैं।
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