डीएम अस्मिता लाल ने बागपत के 16 इंटर कॉलेजों में प्रबंध समितियां गठित कीं

बागपत में जिला प्रशासन ने लंबे समय से लंबित प्रबंधन व्यवस्था को फिर से सक्रिय करते हुए 16 इंटर कॉलेजों में प्रबंधक और प्रबंध समितियों का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने यह कार्रवाई शासन के निर्देशों के अनुपालन में की है, जिसके बाद वर्षों से ठप पड़े प्रशासनिक कार्यों के सुचारू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कई विद्यालयों में पिछले 10 से 40 वर्षों तक प्रबंध समितियों का गठन नहीं हो पाया था। बड़ौत स्थित महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में तो लगभग 42 साल बाद प्रबंधक और समिति की नियुक्ति की गई है।
शासन स्तर से निर्देश दिए गए थे कि जिन इंटर कॉलेजों में पांच वर्ष से अधिक समय से प्रबंध समितियां निष्क्रिय हैं, वहां तत्काल नई समितियों का गठन किया जाए। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार यादव ने 16 कॉलेजों की सूची तैयार कर डीएम को प्रस्ताव भेजा था।
डीएम ने की प्रबंधकों की नियुक्ति
19 जून को जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के क्लास-2 श्रेणी के अधिकारियों को विभिन्न इंटर कॉलेजों का प्रबंधक नियुक्त करते हुए समितियों का गठन किया। इस प्रक्रिया में कई प्रधानाचार्यों को अलग-अलग कॉलेजों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजकीय हाईस्कूल बसौद के प्रधानाचार्य अंतरिक्ष कुमार को धनौरा सिल्वरनगर, आदर्श शिक्षा सदन किरठल, जनता इंटर कॉलेज लूंब और सरूरपुर-खेड़की इंटर कॉलेजों का प्रबंधक बनाया गया है।
इसी तरह राजकीय हाईस्कूल अहैड़ा की प्रधानाचार्य रामनिवास को नंगला सिनौली, अहमदशाहपुर पदडा और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज बड़ौत की जिम्मेदारी दी गई है।
राजकीय हाईस्कूल गौना के प्रधानाचार्य ज्वाला प्रसाद को चौगामा दाहा, निरपुड़ा, धनौरा टीकरी और डौलचा के कॉलेजों का प्रभार सौंपा गया है।
इसके अलावा अन्य विद्यालयों में भी अलग-अलग प्रधानाचार्यों को प्रबंधक नियुक्त किया गया है, जिनमें सुभानपुर, मुबारिकपुर, तिलपनी और मवीकलां के स्कूल शामिल हैं।
वर्षों से प्रभावित थे प्रशासनिक कार्य
प्रबंध समितियों के अभाव में कई कॉलेजों में प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। शिक्षकों की पदोन्नति, वेतन निर्धारण, जीपीएफ भुगतान और अन्य वित्तीय प्रक्रियाएं लंबित पड़ी थीं। कई मामलों में स्कूलों का विकास कार्य भी बाधित हो रहा था।
नई समितियों के गठन के बाद उम्मीद है कि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होंगी और शिक्षकों एवं कर्मचारियों को समय से वेतन और अन्य लाभ मिल सकेंगे।
समितियों की संरचना
गठित प्रबंध समितियों में जिलाधिकारी पदेन अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी सदस्य, पुलिस क्षेत्राधिकारी, संयुक्त शिक्षा निदेशक, डायट प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक (सचिव), लेखाधिकारी, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता तथा संबंधित कॉलेज के प्रधानाचार्य को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
42 साल बाद मिली प्रबंधन व्यवस्था
बड़ौत के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज सहित कई संस्थानों में दशकों बाद प्रबंधक नियुक्त किए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गति आएगी तथा छात्रों एवं शिक्षकों से जुड़े कार्यों में सुधार होगा।
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