फर्जी संस्थानों पर गिरेगी गाज, बिहार में मदरसा और संस्कृत स्कूलों की जांच शुरू

पटना में राज्य सरकार ने फर्जी तरीके से संचालित हो रहे मदरसों और संस्कृत विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि ऐसे सभी संस्थानों की व्यापक जांच कराई जाएगी और नियमों के खिलाफ पाए जाने पर उन्हें बंद किया जाएगा।
सभी मदरसा और संस्कृत विद्यालयों की होगी जांच
शिक्षा मंत्री ने बताया कि बिहार में मदरसा बोर्ड और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के तहत संचालित सभी संस्थानों की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान जिन संस्थानों में अनियमितताएं या फर्जी संचालन पाया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं करेगी और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
नियमों के खिलाफ चल रहे संस्थानों पर कार्रवाई तय
मंत्री ने साफ किया कि जो भी मदरसे या विद्यालय तय मानकों और नियमों के अनुसार नहीं चल रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति पूरी तरह पारदर्शी है और जांच प्रक्रिया में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत विद्यालयों की जांच भी समान रूप से की जाएगी ताकि पूरी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
11 संस्कृत विद्यालयों को लेकर स्थिति स्पष्ट
शिक्षा मंत्री ने 11 राजकीय संस्कृत विद्यालयों के बंद होने के सवाल पर कहा कि यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। समीक्षा में पाया गया कि ये विद्यालय लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहे हैं।
उन्होंने आश्वासन दिया कि इन विद्यालयों को फिर से सक्रिय करने की दिशा में सरकार काम करेगी ताकि संस्कृत शिक्षा को मजबूती मिल सके।
सरकार का सख्त रुख
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फर्जी संस्थानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.