हाथरस में सुरक्षा मानकों पर सख्ती, बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई

हाथरस। लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद जिले में प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। मंगलवार को डीएम, एसपी, दमकल विभाग और अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने जिले के 16 स्थानों पर कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर व्यापक छापेमारी की। इस कार्रवाई में कई स्थानों पर सेंटर बंद कराए गए और कुछ को सील भी किया गया।
शहर क्षेत्र में पांच कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी के साथ एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बंद कराया गया, जबकि सासनी में पांच और सादाबाद में एक सेंटर सील किया गया। सिकंदराराऊ में भी दो लाइब्रेरी को बंद कराया गया। कार्रवाई के दौरान कई संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर मौके से फरार हो गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सार्वजनिक सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए डीएम अतुल वत्स और एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने स्वयं विभिन्न कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रोग्रेस पाइंट लाइब्रेरी, भारद्वाज लाइब्रेरी और प्रेमहरि लाइब्रेरी का भी जायजा लिया गया, जो सभी बेसमेंट में संचालित पाई गईं।
जिलाधिकारी ने संचालकों से भवन मानचित्र, फायर सेफ्टी एनओसी, विद्युत उपकरणों की जांच और अन्य सुरक्षा मानकों से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियमों के अनुसार बेसमेंट में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं है।
डीएम ने संबंधित लाइब्रेरी संचालकों को तत्काल प्रभाव से संचालन बंद करने और छात्रों की फीस वापस करने के निर्देश दिए। वहीं, एसडीएम राजबहादुर के नेतृत्व में टीम ने वी-मार्ट शोरूम पर भी छापा मारा, जहां निकासी गेट की कमी पाई गई, जिसके बाद उसे बंद करा दिया गया।
इसी दौरान प्रेम रघु अस्पताल के बेसमेंट में चल रही लैब की भी जांच की गई, जहां उपकरण चालू नहीं मिले। इस मामले में नोटिस जारी किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग, स्टोर या स्वीकृत गतिविधियों के लिए ही किया जा सकता है। यदि कहीं भी नियमों के उल्लंघन के साथ व्यावसायिक गतिविधियां पाई जाती हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रतिष्ठानों को पहले नोटिस दिए जा चुके हैं, उनके खिलाफ भी आगे कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सुरक्षा मानकों को लेकर यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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