“मैं न टायर्ड हूं, न रिटायर्ड”: दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा से ली विदाई

भोपाल। राज्य सभा के अगले सत्र से पहले कई सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, जिनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शामिल हैं। सदन में अपने विदाई भाषण में उन्होंने पार्टी हाईकमान को यह संकेत दिया कि उनकी सक्रियता अभी समाप्त नहीं हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “मैं न थका हूँ, न रिटायर। भविष्य में और काम करने का अवसर मिलेगा।”
हालांकि, उन्होंने पहले ही कांग्रेस हाईकमान को स्पष्ट कर दिया था कि वे तीसरी बार राज्य सभा में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बाद से उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। राहुल गांधी के भोपाल प्रवास के दौरान दिग्विजय ने कहा था कि उनका उपयोग पार्टी का संगठन तय करेगा, राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तर पर। अब उनके हालिया संकेतों से यह स्पष्ट है कि वे मध्य प्रदेश में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
मध्य प्रदेश में सशक्त नेटवर्क और संगठनात्मक प्रभाव
मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन में दिग्विजय सिंह का मजबूत नेटवर्क है। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने नर्मदा परिक्रमा कर अपने संपर्कों को सक्रिय किया। “संगत में पंगत” जैसे कार्यक्रम आयोजित कर 15 साल बाद प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित की। हालांकि, बाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया से रिश्ते तनावपूर्ण हुए और कमल नाथ सरकार का बहुमत जल्दी ही खो गया।
दिग्विजय ने अब केंद्रीय संगठन को प्रदेश में कांग्रेस की वापसी के लिए पांच सूत्रीय रोडमैप सौंपा है। इसमें शामिल हैं – संपर्क, संवाद, समन्वय, सामंजस्य और सकारात्मक सोच। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव से पहले संभावित प्रत्याशियों की पहचान और टीम बनाने की योजना बनाने पर जोर दिया है।
चुनावी तैयारियों और स्थानीय संगठन मजबूत करने के सुझाव
प्रदेश कांग्रेस इस रोडमैप पर काम कर रही है। अगले साल होने वाले नगरीय निकाय चुनाव को ध्यान में रखते हुए छह माह पहले ही प्रत्याशी चयन प्रक्रिया शुरू की गई है। पहली बार पंचायत स्तर पर समितियां गठित की जा रही हैं और मतदाता सूची के सत्यापन जैसे बड़े काम शुरू कर दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिग्विजय सिंह के सक्रिय होने पर कहा कि वे राज्यसभा जाएंगे या नहीं, यह पार्टी तय करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में हार्स ट्रेडिंग जैसी घटनाएं नहीं होंगी और प्रदेश के विधायकों के अनुसार कांग्रेस का एक सदस्य राज्य सभा में जाएगा।
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