ईरान के साथ डील हुई पूरी, होर्मुज स्ट्रेट खुला; अमेरिकी नाकेबंदी भी हटेगी: ट्रंप

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ी प्रगति सामने आई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक व्यापक शांति समझौते पर सहमति बन गई है, जिसके तहत दोनों पक्ष सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में शहबाज शरीफ ने कहा कि समझौते के तहत दोनों देशों ने संघर्ष से जुड़े सभी मोर्चों पर स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित समारोह के दौरान किए जा सकते हैं।

ट्रंप ने होर्मुज को लेकर किया बड़ा ऐलान
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि ईरान के साथ समझौता अंतिम रूप ले चुका है और इसके परिणामस्वरूप अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करेगा।
ट्रंप ने कहा कि रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए पूरी तरह खुला रखा जाएगा। उनके अनुसार इस फैसले से वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति श्रृंखला को राहत मिलेगी तथा जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रह सकेगी।
मध्यस्थ देशों ने निभाई अहम भूमिका
शहबाज शरीफ ने इस कूटनीतिक सफलता का श्रेय उन देशों को भी दिया जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद की। उन्होंने विशेष रूप से कतर की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वार्ता प्रक्रिया को सफल बनाने में उसकी महत्वपूर्ण भागीदारी रही। इसके अलावा सऊदी अरब और तुर्किये को भी शांति प्रयासों का प्रमुख साझेदार बताया गया।
हस्ताक्षर से पहले होंगी कई बैठकें
सूत्रों के अनुसार समझौते को लागू करने से पहले इस सप्ताह कई तकनीकी और समन्वय बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में समझौते के विभिन्न प्रावधानों, निगरानी व्यवस्था और क्रियान्वयन की रूपरेखा पर चर्चा होगी।
यदि यह समझौता निर्धारित रूप से लागू होता है, तो पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी अस्थिरता को कम करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। साथ ही वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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