जयपुर में घरेलू कलह से टूटा परिवार, महिला की मौत के बाद बच्चों ने सुनाई दर्दभरी कहानी

HIGHLIGHTS
- जयपुर में घरेलू हिंसा और लगातार चल रहे पारिवारिक तनाव ने एक महिला की जान ले ली, जिससे उसके दो छोटे बच्चे मां के साये से वंचित हो गए।
- 2015 में सार्वजनिक निर्माण विभाग में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गौतम मीणा से विवाह के बाद से ही अनु मीणा के जीवन में मुश्किलें बढ़ने के आरोप सामने आ रहे हैं।
- परिवार और बच्चों के बयानों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही घरेलू विवाद और हिंसा का सिलसिला शुरू हो गया था।
- परिजनों का कहना है कि अनु लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थीं।
- आरोप है कि उन…
जयपुर में घरेलू हिंसा और लगातार चल रहे पारिवारिक तनाव ने एक महिला की जान ले ली, जिससे उसके दो छोटे बच्चे मां के साये से वंचित हो गए। 2015 में सार्वजनिक निर्माण विभाग में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गौतम मीणा से विवाह के बाद से ही अनु मीणा के जीवन में मुश्किलें बढ़ने के आरोप सामने आ रहे हैं। परिवार और बच्चों के बयानों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही घरेलू विवाद और हिंसा का सिलसिला शुरू हो गया था।
परिजनों का कहना है कि अनु लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थीं। आरोप है कि उनके पति अक्सर शराब के नशे में उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करते थे। लगातार बिगड़ते हालात ने उनके जीवन को गहरे तनाव में डाल दिया था।
बच्चों ने सुनाई घर के हालात की कहानी
मृतका के 10 वर्षीय बेटे माहिर ने बताया कि उसने कई बार अपने पिता को मां के साथ मारपीट करते देखा। उसके अनुसार, घर में अक्सर झगड़े होते थे और कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती थी कि वह डर जाता था। माहिर ने यह भी बताया कि एक बार पिता ने गुस्से में टीवी तोड़ दिया और मां को भी नुकसान पहुंचाया।
8 वर्षीय बेटी समायरा ने भी अपने बयान में बताया कि माता-पिता के बीच झगड़े केवल घर तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि परिवारिक आयोजनों और यात्राओं के दौरान भी तनाव बना रहता था।
आत्महत्या से पहले का घटनाक्रम
परिवार के अनुसार, अनु मीणा ने 7 अप्रैल को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि इस घटना से पहले उन्होंने अपने पति को वीडियो कॉल किया था, जो उस समय चालू रहा और इसी दौरान यह घटना हुई। बाद में पड़ोसियों ने उन्हें गंभीर हालत में पाया और बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
मां का दर्द और पछतावा
अनु की मां माया देवी ने बताया कि उनकी बेटी अक्सर अपने वैवाहिक जीवन की परेशानियों को साझा करती थी, लेकिन परिवार को उम्मीद थी कि स्थिति समय के साथ ठीक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उस दिन उनका फोन मिस हो गया, जिसका उन्हें आज भी गहरा अफसोस है।
सामने आए वीडियो और आरोप
परिजनों का दावा है कि मोबाइल फोन की जांच में कुछ वीडियो मिले हैं, जिनमें पति-पत्नी के बीच विवाद और कथित गाली-गलौज रिकॉर्ड है। भाई नीरज मीणा ने आरोप लगाया कि कई बार समझाने के बावजूद स्थिति नहीं बदली और हिंसा जारी रही।
परिवार का यह भी कहना है कि घटना के बाद आरोपी के व्यवहार में कोई पछतावा नहीं दिखा।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने परिवार के बयान दर्ज कर लिए हैं और डिजिटल सबूतों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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