जदयू ने सीएम सम्राट चौधरी को सौंपी अपने मंत्रियों की सूची, निशांत कुमार मंत्री बनेंगे?

जनता दल (यूनाइटेड) की महत्वपूर्ण और लंबी चली बैठक अब समाप्त हो गई है। यह बैठक बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitish Kumar के सरकारी आवास 7 सर्कुलर रोड पर आयोजित की गई थी। बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें केंद्रीय मंत्री Lalan Singh, उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha और Samrat Choudhary, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha, विधायक दल के नेता श्रवण कुमार सहित कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए।
बैठक में मुख्य रूप से आगामी मंत्रिमंडल विस्तार, सरकार की कार्यप्रणाली और राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान नए मंत्रियों के नामों पर भी विचार किया गया, जिसमें निशांत कुमार को लेकर विशेष चर्चा होने की बात सामने आई है।
निशांत कुमार को लेकर सियासी हलचल तेज
पिछले 24 घंटों में निशांत कुमार को लेकर जदयू के शीर्ष नेतृत्व में कई स्तरों पर मंथन हुआ है। बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले मंत्री पद स्वीकार करने से इनकार किया था, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद वे इसके लिए सहमत हुए हैं। अब 7 मई को उनकी निर्धारित यात्रा रद्द कर दी गई है, जिससे उनके शपथ ग्रहण की अटकलें और तेज हो गई हैं। सूत्रों का दावा है कि वे उसी दिन मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
मुख्यमंत्री को सौंपी गई मंत्रियों की सूची
बैठक के बाद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और संभावित मंत्रियों की सूची सौंपी। चर्चा है कि जदयू कोटे से लगभग 11 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। मौजूदा सरकार में पहले शामिल कई वरिष्ठ नेताओं को इस बार भी दोबारा मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
किन नेताओं को मिल सकता है दोबारा मौका
सूत्रों के अनुसार श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, मदन सहनी, सुनील कुमार, लेशी सिंह, रत्नेश सदा, जमा खान और जयंत राज जैसे नेताओं को फिर से मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं कुछ नए चेहरों को भी शामिल करने पर विचार चल रहा है।
इसके अलावा बाहुबली नेता आनंद मोहन अपने पुत्र चेतन आनंद के नाम को आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही शीला कुमारी, बुलो मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा और दामोदर राउत जैसे नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं।
आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि नए मंत्रिमंडल में किसे जगह मिलती है और बिहार की राजनीति किस नए समीकरण की ओर बढ़ती है।
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