मेरठ: सरधना में तालाब भूमि पर अवैध कब्जा, विधायक ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम

HIGHLIGHTS
- मेरठ: सरधना के कालंद चुंगी चौराहे के पास नगर पालिका की तालाब भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
- निर्माण कार्य जारी रहने और प्रशासन की ओर से कार्रवाई न होने से नाराज समाजवादी पार्टी के सरधना विधायक अतुल प्रधान मंगलवार को तहसील पहुंचे और अधिकारियों से मुलाकात कर अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली।
- उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
- तहसील पहुंचकर विधायक ने एसडीएम से मुलाकात करते हुए तालाब की जमीन पर कब्जे से जुड…
मेरठ: सरधना के कालंद चुंगी चौराहे के पास नगर पालिका की तालाब भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। निर्माण कार्य जारी रहने और प्रशासन की ओर से कार्रवाई न होने से नाराज समाजवादी पार्टी के सरधना विधायक अतुल प्रधान मंगलवार को तहसील पहुंचे और अधिकारियों से मुलाकात कर अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
तहसील पहुंचकर विधायक ने एसडीएम से मुलाकात करते हुए तालाब की जमीन पर कब्जे से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट तलब की। उनका कहना था कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी है और अब भवन पर प्लास्टर तक किया जा रहा है।
अतुल प्रधान ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों और कथित भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विधायक ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील परिसर में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उनके साथ मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका के अधिकारियों पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अवैध निर्माण को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वहीं, एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और यदि अवैध कब्जा पाया गया तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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