यूपी टीईटी परीक्षा को लेकर मुजफ्फरनगर प्रशासन अलर्ट, नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के सफल और निष्पक्ष आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के उद्देश्य से सोमवार को जिला पंचायत सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुलिस अधिकारियों, परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्यों, केंद्र व्यवस्थापकों और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

13 केंद्रों पर होगी परीक्षा
प्रशासन के अनुसार जिले में कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा का आयोजन 2 और 3 जुलाई को दो-दो पालियों में किया जाएगा, जबकि 4 जुलाई को केवल पहली पाली में परीक्षा संपन्न होगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियमों के अनुरूप संपन्न कराई जाए।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
बैठक में पुलिस विभाग को प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए। साथ ही केंद्रों के आसपास निगरानी बढ़ाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने और उनकी लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए।
अभ्यर्थियों की सुविधाओं के लिए निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पेयजल, महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग शौचालय तथा प्रतीक्षा के दौरान छायादार स्थान की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन ने साफ किया है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

नकल माफिया पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई सॉल्वर गैंग, नकल गिरोह या अन्य असामाजिक तत्व परीक्षा में हस्तक्षेप करने या नकल कराने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार सिंह समेत पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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