मुजफ्फरनगर में करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि भूमि को लेकर विवाद और एक विधवा महिला के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। पंजाब से आए परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से महिला का पता लगाने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। रविवार होने के कारण संबंधित कार्यालय बंद मिले, जिससे शिकायतकर्ता अधिकारियों से मुलाकात नहीं कर सके।

करोड़ों की जमीन को लेकर उठे सवाल
पंजाब के जालंधर निवासी परमजीत सिंह का कहना है कि उनकी मौसी हरप्रीत कौर, जो जानसठ क्षेत्र के देवल गांव की रहने वाली हैं, पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और उनका इलाज पंजाब में चल रहा था। परिवार के अनुसार, हरप्रीत कौर के नाम इशहाकवाला गांव में लगभग 4.5 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों ने जमीन को ठेके पर दिलाने का भरोसा देकर उन्हें तहसील ले जाया और कथित रूप से ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए, जिनकी जानकारी परिवार को नहीं दी गई।

साजिश की आशंका जताई
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि महिला की परिस्थितियों का फायदा उठाकर जमीन से जुड़े लेन-देन को अंजाम देने की कोशिश की गई हो सकती है। शिकायतकर्ताओं ने कुछ लोगों पर सुनियोजित तरीके से जमीन पर कब्जा करने की योजना बनाने का आरोप लगाया है।
महिला के अचानक गायब होने से बढ़ी चिंता
परिजनों के मुताबिक, 4 जुलाई की सुबह हरप्रीत कौर अपने घर से कहीं चली गईं या उन्हें कुछ लोग अपने साथ ले गए। जब रिश्तेदार गांव पहुंचे तो वह घर पर नहीं मिलीं। इसके बाद परिवार ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और किसी अप्रिय घटना की आशंका व्यक्त की है।
प्रशासन से जांच और बरामदगी की मांग
परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से महिला का जल्द पता लगाने, जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ तो विवादित भूमि से जुड़े आगे के लेन-देन भी किए जा सकते हैं।
फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है और शिकायतकर्ता प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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