नीट पेपर लीक में बड़ा खुलासा: केरल से सीकर तक पहुंचा ‘गैस पेपर’, 15 हिरासत में

HIGHLIGHTS
- जयपुर: नीट-2026 परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है।
- राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं में परीक्षा से पहले पेपर लीक से जुड़ी शिकायतों के बाद जांच तेज हो गई है।
- इसी बीच परीक्षा रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
- सूत्रों के अनुसार, परीक्षा से दो दिन पहले कुछ छात्रों तक कथित तौर पर एक “गैस पेपर” पहुंचा था, जिसके सवाल बाद में परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से काफी हद तक मेल खाते पाए गए।
- दावा किया जा रहा है कि लगभग 700 अंकों में से करीब 600 अंकों के प्रश्न इसी…
जयपुर: नीट-2026 परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं में परीक्षा से पहले पेपर लीक से जुड़ी शिकायतों के बाद जांच तेज हो गई है। इसी बीच परीक्षा रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
सूत्रों के अनुसार, परीक्षा से दो दिन पहले कुछ छात्रों तक कथित तौर पर एक “गैस पेपर” पहुंचा था, जिसके सवाल बाद में परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से काफी हद तक मेल खाते पाए गए। दावा किया जा रहा है कि लगभग 700 अंकों में से करीब 600 अंकों के प्रश्न इसी गैस पेपर से मिलते-जुलते थे, जबकि कई सवाल हूबहू परीक्षा में शामिल थे।
इस मामले की जांच राजस्थान एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) कर रही है, जिसने 8 मई से शुरुआती जांच शुरू की थी। एसओजी की टीमों ने सीकर और झुंझुनूं में पहुंचकर कई लोगों से पूछताछ की और अहम सुराग जुटाए हैं। अब तक इस मामले में करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
जांच में सामने आया है कि 250 पेज का एक पीडीएफ, जिसे गैस पेपर बताया जा रहा है, परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचा था। इसमें से बड़ी संख्या में सवाल नीट परीक्षा के रसायन विज्ञान सेक्शन से मेल खाते पाए गए। यह भी दावा किया जा रहा है कि लगभग 120 प्रश्न परीक्षा में सीधे शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक, यह गैस पेपर केरल में पढ़ाई कर रहे चूरू जिले के एक एमबीबीएस छात्र ने अपने एक परिचित को भेजा था, जिसके बाद यह सीकर में एक पीजी संचालक तक पहुंचा। इसके बाद इसे कुछ छात्रों को साझा किया गया। वहीं, एक करियर काउंसलर पर भी परीक्षा से पहले प्रश्न उपलब्ध कराने का आरोप है, जिसे लेकर एसओजी आगे की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों ने करियर काउंसलर राकेश मंडावरिया को तीन अन्य लोगों के साथ देहरादून से हिरासत में लिया है। मामले में मनीष यादव और अविनाश लांबा नाम के दो अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसओजी के वरिष्ठ अधिकारी विशाल बंसल के अनुसार, कथित गैस पेपर कई दिनों से कुछ छात्रों के पास मौजूद था और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और पेपर लीक के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए परीक्षा रद्द होने को गंभीर गड़बड़ी का संकेत बताया है। उन्होंने राज्य सरकार पर मामले को देर तक छिपाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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