राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर ओवैसी का हमला, बोले- ट्रस्ट में मुसलमान होता तो एनकाउंटर हो जाता

बिजनौर। एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिजनौर के नजीबाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से मुस्लिम समुदाय को राजनीतिक नेतृत्व से दूर रखा गया है और उसे केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है।
सोमवार रात आजाद चौक के पास आयोजित सभा में ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समाज को केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी आगे आना चाहिए। उन्होंने लोगों से राजनीतिक रूप से जागरूक होने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की।
भाजपा को हराने के लिए गठबंधन को तैयार
ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य भाजपा को सत्ता से दूर रखना है। उन्होंने दोहराया कि यदि ऐसा करने के लिए किसी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की जरूरत पड़ती है, तो उनकी पार्टी इस पर विचार करने के लिए तैयार है।
सपा और भाजपा दोनों पर साधा निशाना
अपने संबोधन में ओवैसी ने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने वर्षों तक मुस्लिम समुदाय को केवल वोट हासिल करने के साधन के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि भाजपा मुस्लिम उम्मीदवारों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देती, जबकि समाजवादी पार्टी पर भी उन्होंने मुस्लिम हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यदि कोई समुदाय केवल वोट देने तक सीमित रह जाए और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उसकी भागीदारी न हो, तो उसके सामाजिक और शैक्षिक विकास पर असर पड़ता है।
पार्टी नेताओं ने भी उठाए राजनीतिक मुद्दे
सभा में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मेहताब चौहान ने भी संबोधित किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज को राजनीतिक रूप से अधिक सक्रिय और आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस प्रकरण को लेकर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई।
ओवैसी ने कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए और किसी भी मामले में जांच तथा कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए।
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