पाकुड़: दो नाबालिग छात्राएं संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, परिजन धरने पर बैठे

झारखंड में नाबालिग बच्चों के अचानक लापता होने की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। ताजा मामला पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां दो स्कूली छात्राएं 27 जनवरी को स्कूल जाने के बाद घर नहीं लौटीं।
परिजनों की तलाश और थाने में शिकायत
जब छात्राएं शाम तक वापस नहीं आईं, तो परिजनों ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में उनकी खोज शुरू की। कई घंटों की तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर अमड़ापाड़ा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस खबर से इलाके में चिंता का माहौल फैल गया।
बरामदगी की मांग पर धरना प्रदर्शन
छात्राओं के लापता होने से नाराज परिजन और ग्रामीणों ने उनकी सुरक्षित वापसी की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन किया। धरने की सूचना पर अमड़ापाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया।
एसडीपीओ ने जांच का भरोसा दिया
महेशपुर के एसडीपीओ विजय कुमार भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस हर संभव पहलू की जांच कर रही है और छात्राओं को जल्द सुरक्षित ढूंढने के लिए कार्रवाई तेज की जा रही है। इस भरोसे के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
जांच में हर संभावित पहलू पर नजर
पुलिस ने छात्राओं के संभावित मार्गों, मोबाइल कॉल डिटेल्स और आसपास के इलाकों की गहन जांच शुरू कर दी है। ताकि जल्द से जल्द कोई सुराग मिल सके और लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया जा सके।
पूर्व मामलों का संदर्भ
इससे पहले रांची के मौसीबाड़ी खटाल इलाके से भी दो नाबालिग बच्चे लापता हुए थे, जिन्हें 12 दिनों बाद सुरक्षित बरामद किया गया था। उस मामले में संलिप्त आरोपियों और गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता
पाकुड़ में छात्राओं के लापता होने की घटना से स्थानीय लोग और अभिभावक चिंतित हैं और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.































Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.