राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: ट्रस्ट कोषाध्यक्ष से पूछताछ की तैयारी, 6 जुलाई को अहम बैठक

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब और आगे बढ़ती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां जल्द ही ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी से पूछताछ कर सकती हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि दानराशि के संग्रह, उसके बैंक में जमा और वित्तीय निगरानी व्यवस्था में उनकी भूमिका किस प्रकार रही तथा उन्होंने अपने दायित्वों का कितना पालन किया।
जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती और उसके प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया किस स्तर पर संचालित की जा रही थी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि व्यवस्था में किसी प्रकार की खामी या चूक रही या नहीं, और यदि रही तो उसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
जांच में ट्रस्ट और बैंक के बीच दान राशि के प्रबंधन को लेकर हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को भी महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस एमओयू पर कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। ऐसे में जांच टीम यह आकलन करने में जुटी है कि निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सही तरीके से हुआ या नहीं और वित्तीय निगरानी प्रणाली कितनी प्रभावी रही।
ट्रस्ट बैठक की तारीख बदली, अहम मुद्दों पर चर्चा संभव
इसी बीच ट्रस्ट की अहम बैठक को लेकर नई जानकारी सामने आई है। पहले यह बैठक 11 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे 6 जुलाई को मणिराम दास की छावनी में आयोजित किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे।
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं, वित्तीय पारदर्शिता और आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है।
आरोपी से जुड़े लोगों से भी पूछताछ जारी
उधर, चढ़ावा चोरी मामले की पुलिस जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। विवेचना के तहत आरोपी अनुकल्प मिश्रा से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसी क्रम में उसकी एक रिश्तेदार सुषमा मिश्रा से भी पुलिस ने जानकारी ली है।
पूछताछ के बाद सुषमा मिश्रा ने बताया कि अनुकल्प का स्वभाव शांत और धार्मिक प्रवृत्ति का रहा है। उनके अनुसार वह नियमित रूप से पूजा-पाठ करता था और हर मंगलवार सुंदरकांड का पाठ करता था। परिवार ने कहा कि उस पर लगे आरोपों से वे हैरान हैं और उन्हें उसके किसी भी गलत गतिविधि में शामिल होने का विश्वास नहीं है।
परिजनों का यह भी कहना है कि अनुकल्प पढ़ाई के साथ कुछ समय पहले राम मंदिर से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय था। मामले के सामने आने के बाद परिवार मानसिक तनाव में है और उन्हें उम्मीद है कि जांच में सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.