राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा अपडेट, 6 दिन की जांच के बाद लखनऊ लौटी SIT

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही एसआईटी अपनी छह दिवसीय पड़ताल पूरी करने के बाद लखनऊ लौट गई है। सूत्रों के अनुसार, टीम सोमवार को मुख्यमंत्री को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है।
जांच के दौरान एसआईटी ने मंदिर प्रशासन, बैंक कर्मियों और गणना कार्य में लगे कर्मचारियों सहित कई संबंधित लोगों से पूछताछ की। टीम ने दानपात्रों की गणना और धन प्रवाह से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की। बताया जा रहा है कि जांच के आधार पर कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
महंत शशिकांत दास ने रखा अपना पक्ष
इसी बीच राम कचहरी चारों धाम मंदिर के महंत एवं सरयू नित्य आरती समिति के अध्यक्ष शशिकांत दास ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने इंजीनियर दीनानाथ वर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका इन विवादों से कोई संबंध नहीं है।
महंत शशिकांत दास ने बताया कि उन्होंने केवल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अस्थायी कैंप कार्यालय संचालन के लिए अपना नवनिर्मित भवन निःशुल्क उपलब्ध कराया था। यह निर्णय तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज झा, ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और अन्य अधिकारियों के अनुरोध पर लिया गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बदले उन्होंने कभी कोई किराया या आर्थिक लाभ नहीं लिया। बाद में जब कार्यालय को अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया, तो भवन का उपयोग भी बंद कर दिया गया। महंत ने यह भी कहा कि वे न तो दीनानाथ वर्मा को जानते हैं और न ही कभी उनसे मुलाकात हुई है।
पूर्व इंजीनियर के आरोपों से बढ़ा विवाद
राम मंदिर निर्माण से जुड़े मामलों को लेकर एक नया विवाद तब सामने आया जब सेवानिवृत्त इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने सोशल मीडिया पर दिए एक इंटरव्यू में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर गंभीर आरोप लगाए।
वर्मा ने दावा किया कि मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान एक ठेकेदार से कथित तौर पर 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई थी और बिल की राशि भी इसी अनुपात में बढ़ाई गई थी। इससे पहले भी टिन्नू यादव द्वारा ट्रस्ट के एक वरिष्ठ पदाधिकारी पर सवाल उठाए जा चुके हैं।
फिलहाल, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
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