रोहिणी आचार्य ने अयोध्या मामले पर भाजपा को घेरा, बोलीं- मौन तोड़ें पीएम मोदी

HIGHLIGHTS
- अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
- राजद नेता और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
- रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन इस संवेदनशील मामले पर उनकी चुप्पी क्यों बनी हुई है।
- उन्होंने कहा कि जब मामला आस्था और मंदिर से…
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजद नेता और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन इस संवेदनशील मामले पर उनकी चुप्पी क्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब मामला आस्था और मंदिर से जुड़ा हो, तो इस पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।
‘भूमि पूजन से लेकर श्रेय लिया गया, अब जिम्मेदारी किसकी?’ — रोहिणी
अपने पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि राम मंदिर से जुड़े भूमि पूजन, निर्माण कार्य और प्राण प्रतिष्ठा जैसे आयोजनों का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया। ऐसे में अगर अब चढ़ावे से जुड़ा कोई विवाद सामने आता है, तो उसकी जिम्मेदारी पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि उपलब्धियों का श्रेय लिया जाता है, तो विवादों की जिम्मेदारी से भी बचा नहीं जा सकता। रोहिणी ने अपने पोस्ट के अंत में प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की।
राजद प्रवक्ता ने भी उठाए सवाल
इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में दिए गए चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितता बेहद गंभीर और निंदनीय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था से जुड़े स्थान पर इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं और इससे पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। तिवारी ने कहा कि केवल कार्रवाई या इस्तीफे से इस मामले की गंभीरता कम नहीं हो जाती, बल्कि इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मामले को लेकर अब राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वहीं, इस विवाद पर आगे और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
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