इंदौर में संजय सिंह का केंद्र पर निशाना, विदेश नीति और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

इंदौर। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह एक दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने आनंद मोहन माथुर सभागार में आयोजित पार्टी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र सरकार, विदेश नीति, मध्य प्रदेश की स्थिति और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों पर तीखे सवाल उठाए।
अमेरिका हमले और विदेश नीति पर टिप्पणी
संजय सिंह ने अमेरिका की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय जहाजों से जुड़े मामले में सरकार को सख्त रुख अपनाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति कमजोर दिखाई दे रही है और इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है।
उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूती से रखने की जरूरत है।
भाजपा और पश्चिम बंगाल राजनीति पर निशाना
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने भाजपा पर विपक्षी दलों को कमजोर करने और राजनीतिक लाभ के लिए नेताओं को अपने पाले में शामिल करने का आरोप लगाया।
मध्य प्रदेश सरकार पर आरोप
मध्य प्रदेश सरकार को घेरते हुए संजय सिंह ने कहा कि राज्य में कई सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं और आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं जैसे स्वच्छ पेयजल तक की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली के क्षेत्र में बेहतर काम किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी मध्य प्रदेश में अपने उम्मीदवार उतारेगी और भाजपा को कड़ी चुनौती देगी।
युवाओं और परीक्षा व्यवस्था पर बयान
युवाओं के आंदोलनों और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार और शिक्षा से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं की आवाज को नजरअंदाज न करने की अपील की।
प्रधानमंत्री और विदेश दौरों पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने कहा कि विदेश नीति के मोर्चे पर सरकार अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि विदेश दौरों के दौरान देश को क्या लाभ मिला, इसकी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल
राम मंदिर ट्रस्ट और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सभी लेन-देन में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.