गोरक्षा के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

सहारनपुर। गोरक्षा को लेकर चल रही बहस के बीच ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि गोरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं गोरखनाथ मठ के महंत हैं, ऐसे में उनसे गोमाता की सुरक्षा को लेकर सबसे अधिक अपेक्षाएं थीं, लेकिन वे इस कसौटी पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में गोवंश की स्थिति, गो तस्करी और गोहत्या की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता केवल वोट के माध्यम से सत्ता को अधिकार देती है और यदि गोरक्षा जैसे मुद्दों पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, तो इसकी जवाबदेही सरकार की होती है। शंकराचार्य के अनुसार संत समाज का कार्य सत्ता से सवाल पूछना और समाज को सही दिशा दिखाना भी है।
गोरक्षा यात्रा का जिले में स्वागत
गोरक्षा का संदेश लेकर निकाली जा रही “गविष्टि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा” शनिवार को सहारनपुर जिले में पहुंची। यात्रा का नानौता, गंगोह, अंबेहटा, बेहट और पुंवारका सहित कई स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया।
गंगोह स्थित बड़ा हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ शंकराचार्य का स्वागत किया। यहां उन्होंने राजू पंडित सांगाठेड़ा को गंगोह विधानसभा क्षेत्र का गोरक्षा प्रभारी नियुक्त किया। इसी दौरान सांसद इमरान मसूद की ओर से पूर्व चेयरमैन नोमान मसूद और हमजा मसूद द्वारा यात्रा को समर्थन देने का पत्र भी सौंपा गया।
नानौता और पुंवारका में कार्यक्रम
नानौता के गंगोह रोड स्थित श्री राधा कृष्ण चाननदास पंजाबी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य ने कहा कि गोसेवा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने उपस्थित लोगों को गो संरक्षण, गो संवर्धन और सनातन संस्कृति की रक्षा की शपथ दिलाई।
पुंवारका में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप राणा ने अपनी पत्नी रेखा राणा के साथ शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया। इस दौरान कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अंबेहटा और बेहट में स्वागत
अंबेहटा पहुंचने पर अजीत सिंह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पास लोगों ने शंकराचार्य का स्वागत किया और जयघोष किया। यहां उन्होंने गो रक्षा का संकल्प दोहराते हुए कहा कि गोमाता के खिलाफ किसी भी प्रकार के आचरण का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं बेहट के शाकंभरी रोड स्थित उत्तम पैलेस में उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग दोहराई।
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