सुभाष पासवान ने जन सुराज का दामन थामा, चिराग को झटका

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में सिकंदरा विधानसभा से लोजपा (रा) के नेता सुभाषचंद्र बोस उर्फ सुभाष पासवान को जन सुराज पार्टी ने अपना चुनावी सिंबल प्रदान किया है। इस निर्णय के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
जानकारों के अनुसार, जनता की इच्छानुसार सुभाष पासवान इस बार चुनावी मैदान में नजर आने वाले थे, लेकिन एनडीए से नाराजगी के चलते उन्हें पार्टी से दावेदारी नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने जन सुराज का दामन थामकर अपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
सुभाष पासवान का राजनीतिक अनुभव दो दशकों से अधिक का है। उन्होंने 2010 में लोजपा से अपने पहले विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया था और रामेश्वर पासवान से 12 हजार मतों के अंतर से हार का सामना किया। 2015 में लोजपा से पुनः उम्मीदवार बने और कांग्रेस के सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी से केवल सात हजार मतों के अंतर से हार गए।
2020 में लोजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके बाद वे निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे और तीसरे स्थान पर रहे। अब सुभाष पासवान चौथी बार अपनी किस्मत आजमाने के लिए चुनावी रेस में शामिल हो चुके हैं। चुनाव नतीजों से तय होगा कि इस बार उनकी चुनावी नैया पार होती है या नहीं।
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