फुलत मदरसा विवाद में बढ़ा तनाव, स्वामी यशवीर ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

मुजफ्फरनगर। खतौली तहसील के एक गांव में स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसा एक बार फिर विवादों में आ गया है। योग साधना यशवीर आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने शुक्रवार को मदरसा संचालकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
स्वामी यशवीर महाराज ने आरोप लगाया कि मदरसे के जरिए कथित तौर पर हिंदू समुदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है और संदिग्ध तरीके से संपत्ति अर्जित की गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि फुलत स्थित इस मदरसे में पिछले करीब दस वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पहले रोजगार या सहायता के नाम पर संपर्क में लाया जाता है और बाद में उनका कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराया जाता है।
अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने कुछ नामों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि भैसी निवासी जुगनू शर्मा का धर्म परिवर्तन कर नाम अब्दुल रहमान रखा गया, मेरठ निवासी विक्रम का नाम अकरम किया गया और पंजाब के एक युवक का नाम बदलकर शरीफ रखा गया। इसके अलावा कुछ हिंदू युवतियों के धर्म परिवर्तन और कथित निकाह के भी आरोप लगाए गए हैं।
स्वामी यशवीर महाराज ने मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके पुत्र मौलाना जुबेर अंसारी पर पूरे कथित नेटवर्क के संचालन का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि जुबेर अंसारी की कई जिलों में संपत्तियां हैं, जिनकी फंडिंग और आय के स्रोतों की भी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि मदरसा सरकारी जमीन पर कब्जा कर संचालित हो रहा है और पूर्व में हुई जांच में इसका उल्लेख होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
स्वामी यशवीर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि मामले की जांच किसी निष्पक्ष और वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन और मदरसे के घेराव के लिए बाध्य होंगे।
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