मैहर में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से दो किशोरियों की मौत

HIGHLIGHTS
- कोतवाली थाना क्षेत्र के पटेहरा बीड़ी बस्ती में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया।
- पटेहरा तालाब में नहाने गई चार नाबालिग किशोरियां अचानक गहरे पानी में डूब गईं।
- इस हादसे में दो किशोरियों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया।
- घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
- कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, चारों किशोरियां दोपहर के समय तालाब में नहाने पहुंची थीं।
- नहाने के दौरान एक किशोरी का अचानक पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई।
मैहर। कोतवाली थाना क्षेत्र के पटेहरा बीड़ी बस्ती में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पटेहरा तालाब में नहाने गई चार नाबालिग किशोरियां अचानक गहरे पानी में डूब गईं। इस हादसे में दो किशोरियों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, चारों किशोरियां दोपहर के समय तालाब में नहाने पहुंची थीं। नहाने के दौरान एक किशोरी का अचानक पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के प्रयास में बाकी तीन किशोरियां भी पानी में उतर गईं, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण सभी डूबने लगीं।
कुछ ही पलों में स्थिति गंभीर हो गई और वहां अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों ने बचाई दो जान
तालाब किनारे मौजूद ग्रामीणों ने जब किशोरियों को डूबते देखा तो तुरंत पानी में कूदकर बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दो किशोरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, दो किशोरियां गहरे पानी में समा गईं और उन्हें नहीं बचाया जा सका।
पुलिस और रेस्क्यू टीम की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाया। काफी प्रयासों के बाद दोनों किशोरियों के शव तालाब से बाहर निकाले गए।
मृतकों की पहचान पूनम चौधरी और अंचल चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव में शोक का माहौल
इस हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों ने तालाब पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वहां न तो चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही कोई निगरानी व्यवस्था है, जिससे ऐसे हादसे होने का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गहरे और असुरक्षित जलाशयों में नहाने से बचें। खासकर बच्चों और किशोरों को बिना निगरानी के पानी के पास न जाने दें। साथ ही जलाशयों के आसपास चेतावनी संकेत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।
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