मुंबई में अब कोस्टल रोड पर सफर करना सिर्फ तेज नहीं, बल्कि बेहद खास अनुभव भी बन गया है। देश की पहली ‘मेलोडी रोड’ तैयार कर दी गई है, जहां कार या बाइक की गति अगर सही सीमा में हो, तो टायर और सड़क के संपर्क से ऑस्कर विजेता गीत ‘जय हो’ की धुन सुनाई देती है। यह अनूठा प्रयोग भारत में पहली बार किया गया है और इसके लिए हंगरी की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

नरीमन पॉइंट से वर्ली तक के इस हिस्से में सड़क पर विशेष ग्रूव्स बनाए गए हैं। जब वाहन लगभग 70–80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हैं, तो टायरों का घर्षण संगीत उत्पन्न करता है। यह धुन सड़क पर बैठे यात्रियों को स्पष्ट रूप से सुनाई देती है और ड्राइविंग का अनुभव बिल्कुल अलग बना देती है।

इस परियोजना की योजना पूर्व सांसद राहुल शेवाले ने बनाई थी, और इसे बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने लागू किया। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ड्राइवरों को निर्धारित गति बनाए रखने के लिए भी प्रेरित करता है, जिससे सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।

विश्व में मेलोडी रोड की शुरुआत सबसे पहले जापान में हुई थी। इसके बाद दक्षिण कोरिया, हंगरी और UAE में भी ऐसे प्रयोग किए गए। अब मुंबई ने भी इस लिस्ट में अपना नाम जोड़ लिया है और भारत को वैश्विक नवाचार से जोड़ा है।

लगभग 10.5 किलोमीटर लंबी मुंबई कोस्टल रोड पहले ही ट्रैफिक कम करने और यात्रा समय घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी। अब ‘जय हो’ की धुन के साथ यह सड़क सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए एक मनोरंजक अनुभव भी बन गई है।