नई दिल्ली। वाणिज्य और उद्योग विभाग ने वर्ष 2025 के अंत में बताया कि यह साल अंतरराष्ट्रीय व्यापार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से सफल रहा। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने समीक्षा में कहा कि 2025 निर्यात के रिकॉर्ड, बड़े वैश्विक व्यापार समझौतों और घरेलू कारोबार को आसान बनाने वाले सुधारों का वर्ष रहा। उन्होंने इसे पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘उपलब्धियों और प्रगति से भरा साल’ बताया।
रिकॉर्ड निर्यात और सेवाओं का योगदान
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल निर्यात 825.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 6.05% अधिक है। इसमें सेवाओं के निर्यात का योगदान 387.54 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच इलेक्ट्रॉनिक सामान, इंजीनियरिंग उत्पाद, दवाइयां, फार्मा, समुद्री उत्पाद और चावल निर्यात में प्रमुख रहे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से व्यापार को बढ़ावा
सरकार ने व्यापार को आसान बनाने के लिए डिजिटल पहलें तेज कीं। निर्यातकों के लिए ‘ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफॉर्म’ और ‘ट्रेड इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स (TIA) पोर्टल’ लॉन्च किए गए। इन प्लेटफॉर्म्स से निर्यातकों को रियल-टाइम बाजार डेटा और डिजिटल व्यापार का अनुभव बेहतर मिला।
वैश्विक समझौते और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
भारत ने तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समझौते अंतिम रूप दिए – भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA), भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) और न्यूज़ीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA)। इसके अलावा कई देशों और क्षेत्रों के साथ व्यापार वार्ता जारी रही।
स्टार्टअप और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार
देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम का विस्तार हुआ। मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2 लाख के पार पहुंची, जिससे 21 लाख से अधिक नौकरियां सृजित हुईं। भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 139 अर्थव्यवस्थाओं में 38वें स्थान पर रहा। अनुपालन घटाने और अन्य सुधारों से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस लगातार मजबूत हुआ।
सरकारी प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल कॉमर्स
सरकार ने 47,000 से अधिक अनुपालनों को घटाया और 4,458 कानूनी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया। नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से नवंबर तक 8.29 लाख से अधिक मंजूरियां दी जा चुकी थीं। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर कुल लेनदेन 16.41 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा, जिससे 11 लाख एमएसएमई को 7.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले।
इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कॉमर्स का विस्तार
प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान निजी क्षेत्र के लिए खोला गया। 11 नवंबर तक 76.4 लाख करोड़ रुपये की 3,022 परियोजनाएं पोर्टल पर जोड़ दी गईं। ओपन नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के माध्यम से छोटे व्यापारियों को नए बाजार और अवसर मिले। अक्टूबर तक ONDC पर 326 मिलियन से अधिक ऑर्डर प्रोसेस हुए, जिनका औसत दैनिक लेनदेन 5.9 लाख से ज्यादा रहा।
मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 2025 ने भारत को निर्यात, डिजिटल व्यापार और वैश्विक समझौतों में नए मुकाम तक पहुंचाया है, और 2026 में यह प्रगति और तेज होगी।