उत्तर प्रदेश में भाजपा अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अंतिम चरण में पहुंच गई है। लंबे अंतराल के बाद जिला कार्यकारिणियों के गठन की प्रक्रिया अब लगभग पूरी होने वाली है। अब तक पार्टी ने छह में से पांच क्षेत्रीय संगठनात्मक क्षेत्रों के तहत आने वाले 82 जिलों की कार्यकारिणी को मंजूरी दे दी है।
रविवार को इसी क्रम में अवध क्षेत्र के 15 जिलों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद 12 जिलों की कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई, जबकि शेष जिलों पर जल्द निर्णय होने की उम्मीद है। अब केवल गोरखपुर क्षेत्र के जिलों को लेकर बैठक बाकी है, जो निकट भविष्य में आयोजित की जाएगी।
गौरतलब है कि भाजपा ने अपने 98 संगठनात्मक जिलों में से 94 जिलाध्यक्षों की पहले ही घोषणा कर दी है। जिला कार्यकारिणी के गठन को लेकर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। 2019 के बाद यह पहला मौका है जब जिला स्तर पर कार्यकारिणी का विधिवत गठन किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया के तहत पार्टी ने पहले प्रत्येक जिले में पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे। इन पर्यवेक्षकों ने स्थानीय नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं से बातचीत कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इन्हीं रिपोर्ट्स के आधार पर अब जिला कार्यकारिणियों का गठन किया जा रहा है।
बैठकों के दौरान संगठन में संतुलित प्रतिनिधित्व पर विशेष जोर दिया गया। इसमें सभी वर्गों की भागीदारी, महिलाओं की उचित हिस्सेदारी और समर्पित व अनुशासित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने जैसे पहलुओं को प्राथमिकता दी गई।
तीन दिनों तक चली बैठकों के बाद 82 जिलों में कार्यकारिणी गठन का काम पूरा कर लिया गया है। इनमें से 69 जिलों की सूची जारी हो चुकी है, जबकि बाकी 13 जिलों की घोषणा भी जल्द होने की संभावना है। क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार ब्रज, कानपुर-बुंदेलखंड, काशी, पश्चिम और अवध क्षेत्रों के अधिकांश जिलों में कार्यकारिणी घोषित की जा चुकी है। अब सभी की नजर गोरखपुर क्षेत्र की आगामी बैठक पर टिकी है, जिसके बाद यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।