तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरा मध्य पूर्व युद्ध की चपेट में है और वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, रणक्षेत्र में बदल गया है।

वीडियो साक्ष्य के साथ ईरानी दावा

ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट्स ने इस घटना का वीडियो भी जारी किया है। ईरानी जॉइंट एयर डिफेंस कमांड के अनुसार, उनके रडार ने दक्षिणी तट के पास एक अज्ञात लड़ाकू विमान की पहचान की। चेतावनी के बावजूद जब विमान ने अपना रास्ता नहीं बदला, तो ईरानी मिसाइल ने उसे लॉक कर ध्वस्त कर दिया। ईरान का कहना है कि अमेरिकी विमान सीधे तौर पर उनकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा था। वीडियो में आसमान में एक भारी धमाका दिखाई दे रहा है।

खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आशंका

फरवरी 2026 के अंत से ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच सीधा सैन्य टकराव जारी है। हाल के हफ्तों में तनाव इतना बढ़ गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी जारी की थी कि अगर होर्मुज में तेल की आवाजाही बाधित की गई, तो ईरान के बुनियादी ढांचे पर भयंकर हमले किए जाएंगे। ईरान का यह कदम उसी चेतावनी के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग ने अब तक किसी F-15 विमान के गिरने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इससे पहले मार्च की शुरुआत में ईरान ने F-35 विमान गिराने का दावा किया था, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया था।

वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर

इस्राइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।