शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। शुरुआती सत्र में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 125 अंकों से ज्यादा फिसलकर 85,636 के स्तर पर आ गया। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी करीब 31 अंक टूटकर 26,297 के आसपास कारोबार करता दिखा। शुरुआती कारोबार में रुपये पर भी दबाव नजर आया और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे कमजोर होकर 90.24 पर खुला।

सेंसेक्स के शेयरों का प्रदर्शन
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली देखी गई। एचसीएल टेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस और एनटीपीसी नुकसान में रहे। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में हल्की मजबूती दर्ज की गई।

वैश्विक और भू-राजनीतिक चिंताओं का असर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक नए साल की शुरुआत कुछ अहम भू-राजनीतिक घटनाओं के बीच हुई है, जिनका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है कि वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की गतिविधियों से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और बढ़ सकती है, जिससे बाजारों में सतर्कता का माहौल है।

एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग हल्की गिरावट में रहा। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर बढ़त के साथ बंद हुए थे।

कच्चे तेल और निवेश प्रवाह का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम में मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह 60.70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 289.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 677.38 करोड़ रुपये का निवेश किया। इससे पहले शुक्रवार को सेंसेक्स 573 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 85,762 पर और निफ्टी 182 अंक चढ़कर 26,328 के स्तर पर बंद हुआ था।