नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों के बीच ग्लोबल फायरपावर ने वर्ष 2026 के लिए दुनिया की सैन्य शक्तियों की नई रैंकिंग जारी कर दी है। इस सूची में 145 देशों की सैन्य क्षमता का आकलन किया गया है।

ग्लोबल फायरपावर की यह वार्षिक रैंकिंग 60 से अधिक मापदंडों पर आधारित होती है, जिनमें सैन्य संसाधन, बजट, मानव बल, तकनीक और रणनीतिक क्षमताएं शामिल हैं। इन्हीं आधारों पर हर देश को एक पावर इंडेक्स (PwrIndx) स्कोर दिया जाता है। इस स्कोर में जितना कम अंक होता है, उतनी ही उस देश की पारंपरिक सैन्य शक्ति को अधिक प्रभावी माना जाता है।

भारत टॉप-5 में बरकरार
रैंकिंग में अमेरिका पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि रूस और चीन क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। रूस को 0.0791 और चीन को 0.0919 का PwrIndx स्कोर मिला है। भारत और दक्षिण कोरिया भी इस सूची में शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं। खास बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में टॉप-5 देशों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

फ्रांस और जापान की रैंकिंग में सुधार
फ्रांस इस बार छठे स्थान पर पहुंच गया है। वह 2024 में 11वें और 2025 में सातवें स्थान पर था, यानी लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। जापान भी एक पायदान चढ़कर 2026 में सातवें स्थान पर आ गया है।

इटली ने 0.2211 के PwrIndx स्कोर के साथ 10वां स्थान बरकरार रखा है और टॉप-10 में अपनी मौजूदगी बनाए रखी है।

पाकिस्तान की स्थिति कमजोर
इस रिपोर्ट में पाकिस्तान की रैंकिंग में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। वह 2024 में नौवें स्थान पर था, जो 2025 में 12वें और अब 2026 में 14वें स्थान पर पहुंच गया है।

जर्मनी की बड़ी छलांग
सबसे उल्लेखनीय सुधार जर्मनी ने किया है। वह 2024 में 19वें स्थान पर था, जो अब 2026 में 12वें स्थान तक पहुंच गया है।